Uttarakhand: पतंजलि तैयार कर रहा योग पर इनसाइक्लोपीडिया, बालकृष्ण बोले- 60 हजार श्लोकों से तथ्यों का संग्रहण
पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरी दुनिया में योग की अलख भारत ने जगाई है। इसमें पतंजलि का बड़ा योगदान है। योग को लेकर आज कई देश तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। इस देखते हुए पतंजलि अब योग पर इनसाइक्लोपीडिया बना रहा है।
विस्तार
योग को विश्व ज्ञान कोष के रूप में दुनिया के सामने लाने पर पतंजलि काम कर रहा है। इसके लिए 60 हजार श्लोकों से योग के महत्व और तथ्यों को संग्रहित कर रहे हैं। इसमें योग की अलग-अलग क्रिया, मुद्रा और आसन के बारे में प्रमाणित दस्तावेज तैयार होगा।
पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने मीडिया से बातचीत में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में योग की अलख भारत ने जगाई है। इसमें पतंजलि का बड़ा योगदान है। योग को लेकर आज कई देश तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। इस देखते हुए पतंजलि अब योग पर इनसाइक्लोपीडिया बना रहा है।
इसमें शास्त्र, वेद पुराणों से 60 हजार श्लोकों से योग के महत्व को दुनिया के सामने लाया जाएगा। इससे पहले पतंजलि ने पहली बार जड़ी-बूटियों पर इनसाइक्लोपीडिया बनाया है। पूरे विश्व में 3.60 लाख वनस्पतियां है। जिनका औषधीय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें 50 हजार जैव विविधता वाली जड़ी बूटियों की वर्गीकृत 1.25 लाख पेज की रिपोर्ट बनाई है।
ये भी पढ़ें....Uttarkashi Tunnel: एस्केप पैसेज बनाया होता तो अंदर नहीं फंसते मजदूर, इन कार्यों की अनदेखी ने खड़ा किया संकट
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि 1995 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी औषधीय जड़ी बूटियों को लेकर प्रोजेक्ट शुरू किया था। लेकिन 2010 तक इसमें सफलता न मिलने से प्रोजेक्ट बंद करना पड़ा। लेकिन पतंजलि ने इस क्षेत्र में 2005-06 से लगातार काम करने के बाद सफलता हासिल की है।