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जाति प्रमाणपत्र में अब दर्ज होगा माता-पिता का नाम, ऐसे मिलेगा बड़ा फायदा
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Wed, 24 May 2017 12:50 AM IST
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केंद्र सरकार के ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के जाति प्रमाणपत्र के नए फॉरमेट में अब माता-पिता का नाम अंकित होगा। इससे प्रदेश के ओबीसी श्रेणी के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
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अभी तक जाति प्रमाणपत्र में माता-पिता का नाम नहीं होने से पात्र लोगों को या तो मैनुअल प्रमाणपत्र लेने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे थे या फिर आरक्षण से हाथ धोना पड़ रहा था। अमर उजाला ने इस समस्या को 30 मार्च और दो मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के दो प्रकार के प्रमाणपत्र बनाए जाते हैं। इनमें एक प्रमाणपत्र राज्य के हिसाब से बनाया जाता है और दूसरा भारत सरकार की ओर से जारी किया जाता है। दोनों ही प्रमाणपत्रों का अलग-अलग प्रयोग होता है।
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नहीं काटने पड़ेंगे तहसीलों के चक्कर
राज्यस्तर से जारी होने वाला प्रमाण पत्र प्रदेश की भर्तियों में ही माना जाता है, जबकि भारत सरकार का प्रमाण पत्र पूरे देश में मान्य होता है, दोनों जाति प्रमाणपत्र ऑनलाइन ई-डिस्ट्रिक्ट की साइट से जारी होते हैं।
मार्च माह में भारत सरकार को कुछ और जातियां ओबीसी में शामिल करने के लिए संशोधित शासनादेश जारी करना पड़ा था, जिससे राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट विभाग को भी नया फॉरमेट अपलोड करना पड़ा था।
नए फॉरमेट से जारी होने वाले जाति प्रमाणपत्र में से आवेदक के पिता एवं माता का नाम और प्रमाणपत्र संख्या गायब हो गई। इससे पात्र लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
अब नए फॉरमेट को संशोधित कर अपलोड कर दिया गया है, जिसमें माता-पिता का नाम आने के साथ ही गांव, तहसील आदि सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध है।
मार्च माह में भारत सरकार को कुछ और जातियां ओबीसी में शामिल करने के लिए संशोधित शासनादेश जारी करना पड़ा था, जिससे राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट विभाग को भी नया फॉरमेट अपलोड करना पड़ा था।
नए फॉरमेट से जारी होने वाले जाति प्रमाणपत्र में से आवेदक के पिता एवं माता का नाम और प्रमाणपत्र संख्या गायब हो गई। इससे पात्र लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
अब नए फॉरमेट को संशोधित कर अपलोड कर दिया गया है, जिसमें माता-पिता का नाम आने के साथ ही गांव, तहसील आदि सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध है।