पंचायती अखाड़े की 80 साल की हथिनी ‘पवनकली’ की मौत, बैंड-बाजों के साथ दी भू समाधि
- श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा की 80 वर्षीय हथिनी को था कैंसर
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श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा की हथिनी पवनकली की सोमवार को मौत हो गई। उसे कैंसर था। सोमवार को 4.00 बजे हथिनी पवन कली की हरिद्वार बिल्केश्वर कालोनी स्थित निर्मला छावनी में मौत हो गई। वह करीब 80 साल की थी।
आज मंगलवार को हथनी पवनकली को भू-समाधि देने से पूर्व चादर चढ़ाई गई। बैंड-बाजों के साथ भू-समाधि दी गई। श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा के साधु-संतों का पवन कली से विशेष लगाव था। वह उनके परिवार के सदस्य की तरह थी।
अखाड़े के महंत और महावत की आंखें भर आईं
पवनकली की मौत पर अखाड़े के महंत अमनदीप और उनके अन्य साथी तथा महावत की आंखें भर आईं। अखाड़े के महंत ज्ञान देव सिंह महाराज ने पवन कली के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वह हमारे परिवार के सदस्य तरह थी। उसके निधन से अखाड़े में सूनापन आ गया है।
अखाड़े के महंत अमनदीप सिंह पिछले छह महीने से पवन कली की सेवा कर रहे थे। पवन कली हरिद्वार की शोभा थी। हरिद्वार के हर धार्मिक उत्सव और कुंभ के अवसर पर शाही स्नान में पेशवाइयों में सबसे आगे चलती थी। मंगलवार को 12 बजे पवनकली को निर्मला छावनी में भू समाधि दी जाएगी और उसका स्मारक बनाया जाएगा।