भारत के जंगलों में पाकिस्तानी हॉग डियर की घुसपैठ, इस विलुप्त प्रजाति ने बढ़ाई वैज्ञानिकों की टेंशन
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भारत के जंगलों में पाकिस्तानी हॉग डियर (पाडा) की घुसपैठ नजर आई है। इस विलुप्त प्रजाति को मणिपुर के कीबुल लम्जाव नेशनल पार्क (केएलएनपी) में देखा गया है।
देहरादून के भारतीय वन्य जीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के वैज्ञानिकों ने इनकी पहचान की है। इस संबंध में उनकी रिपोर्ट शोध पत्रिका ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित हुई है।
वन्यजीव वैज्ञानिक संदीप कुमार गुप्ता और अजीत कुमार की संयुक्त रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐतिहासिक तौर पर पाकिस्तान और तराई ग्रासलैंड में हॉग डियर की उपस्थिति रही है।
इसके अलावा पहले हॉग डियर थाईलैंड से लेकर लाओस, कंबोडिया और वियतनाम में पाए जाते रहे हैं। माना जा रहा है कि पुराने प्रवास स्थान खत्म होने के कारण अब हॉग डियर ने मणिपुर में नया ठिकाना बनाया है।
तेजी से विलुप्त हो रही इस प्रजाति के करीब 250 हॉग डियर अब कंबोडिया के जंगलों में बचे हैं। भारत में इसे पाडा के नाम से भी जाना जाता है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर(आईयूसीएन) ने इस प्रजाति को विलुप्तप्राय की लाल सूची में रखा हुआ है।
20वीं शताब्दी की शुरुआत से इसका दायरा बढ़ना शुरू हुआ और यह दक्षिणपूर्व एशिया के देशों तक पहुंचना शुरू हुआ है। माना जा रहा है कि जो प्रजातियां मणिपुर के राष्ट्रीय पार्क में देखी गई हैं, उनकी संख्या और अधिक भी हो सकती है। अभी तक माना जाता था कि पाडा केवल पाकिस्तान के हिमालयन क्षेत्र में मिलते थे।