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उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में भी खेला गया चावल में खेल

Tue, 17 Oct 2017 10:45 AM IST
हरीश पांडे / अमर उजाला, हल्द्वानी
हरीश पांडे / अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Tue, 17 Oct 2017 10:45 AM IST
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paddy scam of uttarakhand
- फोटो : अमर उजाला

गढ़वाल मंडल में चावल का बड़ा खेल खेला गया। यहां की कई मंडियों में धान आया ही नहीं, कागजों में सरकारी धान खरीद दिखा दी गई। गढ़वाल की 28 चावल मिलों ने सीएमआर का 33325 मीट्रिक टन और राज्य पोषित का 12382 मीट्रिक टन चावल खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग को दिया दिखाया है। यह झूठ है। इस झूठ का खुलासा अमर उजाला की ओर से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर हुआ है। 

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अमर उजाला ने गढ़वाल मंडल में मंडियों में आए धान की आवक का रिकार्ड, वीडियो रिकार्डिंग आदि की सूचना मांगी थी। गढ़वाल की मंडियों की ओर से भेजी गई सूचना से धान खरीद की प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगे हैं। आखिर गढ़वाल में धान न के बराबर होने के बाद भी इतनी बड़ी खरीद कैसे हो गई। कैसे कोटद्वार, ऋषिकेश में हजारों क्विंटल धान का उत्पादन हो गया? इससे गढ़वाल मंडल में हुई खरीद प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है।  
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गढ़वाल मंडल की मंडियों ने ये सूचनाएं दीं
मंगलौर हरिद्वार - मंगलौर हरिद्वार में धान की आवक नहीं होती है, नवीन मंडी स्थल के अंदर लाइसेंस धारी धान का कारोबार नहीं करता है।  
मंडी समिति लक्सर -  मंडी में धान खरीदने को कोई यार्ड नहीं है। 
कोटद्वार मंडी - धान के आवक के बारे में कोई सूचना नहीं दी है, सिर्फ इतना कहा है कि धान की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई है। 
हरिद्वार यूनियन मंडी - धान खरीद की नीलामी नहीं की गई है। 
भगवानपुर मंडी - धान खरीद की सूचना शून्य है। 
कर्णप्रयाग मंडी - मंडी में धान नहीं आता है। 
चकराता मंडी - धान खरीद नहीं होती है। 
विकासनगर मंडी - क्षेत्रीय कर्मचारियों की उपस्थिति में नीलामी कराई जाती है, धान खरीद की सूचना नहीं है। 

क्या कागजों में हुई खरीद
गढ़वाल मंडियों में धान की आवक न के बराबर हुई है। उसके बाद भी कच्चा आढ़तियों ने लाखों क्विंटल धान खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को देना दिखाया है। गढ़वाल मंडल की 28 चावल मिलों ने सीएमआर का 33325 मीट्रिक टन चावल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को देना दिखाया है। सवाल यह है कि जब गढ़वाल की आठ बड़ी मंडियों में धान की आवक न के बराबर है, तो 28 चावल मिलों ने सीएमआर का धान कहां से प्राप्त किया। 
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इन सवालों के जवाब कौन देगा
- ऋषिकेश, कोटद्वार की चावल मिलों ने इतना धान कहां से खरीदा
- गढ़वाल मंडल में 28 चावल मिलें कहां से धान खरीद रही हैं, जब गढ़वाल की कई मंडी समितियां ने आरटीआई में मांगी सूचना में कहा है कि उनके वहां धान नहीं आता है। 
- राज्य सरकार गढ़वाल मंडल की जांच कब करेगी। 
- एसआईटी को सिर्फ ऊधमसिंह नगर जिले तक ही सीमित क्यों रखा गया है।

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