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नगर निगम ने काटी पैसिफिक मॉल की जेब
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 29 Sep 2014 02:52 PM IST
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कमाई बढ़ाने की कोशिशों के बीच नगर निगम के कर्मचारी ही उसकी जेब काटने पर आमादा हैं। पैसिफिक मॉल के टैक्स असेसमेंट में कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है
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मॉल की दोबारा पैमाइश के बाद असेसमेंट 2.85 करोड़ रुपए से बढ़कर 3.68 करोड़ रुपए बढ़ गया। पुराने असेसमेंट पर ही टैक्स तय किया जाता तो निगम को हर साल करीब दस लाख का चूना लगता। मामले में जांच चल रही है। मेयर ने रिपोर्ट आने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
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करीब तीन माह पूर्व नगर निगम की भूमि अनुभाग की टीम को राजपुर रोड स्थित पैसिफिक मॉल की पैमाइश करने भेजा गया था। टीम ने असेसमेंट 2.85 करोड़ रुपये निकाला। लेकिन नगर निगम में टैक्स मसलों पर सुनवाई के दौरान पार्षदों ने आपत्ति लगा दी।
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उनका कहना था कि मॉल का एरिया काफी अधिक है, लेकिन असेसमेंट कम किया गया है। इस आपत्ति पर निगम के टैक्स अनुभाग के कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर मेयर विनोद चमोली ने मामले की जांच और भूमि अनुभाग को फिर से पैमाइश का आदेश जारी किया।
दो दिन पूर्व टैक्स और भूमि अनुभाग के कर्मचारी मॉल की पैमाइश करने गए। इसमें असेसमेंट 2.85 करोड़ से बढ़कर 3.68 करोड़ रुपए हो गया। इससे यह साफ हो गया कि पहले गलत पैमाइश की गई थी।
यह थी गणित
2.85 करोड़ के असेसमेंट पर दस प्रतिशत के हिसाब से वार्षिक टैक्स 28 लाख बैठता है, जबकि 3.68 करोड़ के हिसाब से टैक्स 36 लाख बनेगा। इस तरह कर्मचारी मॉल प्रबंधन से मिलीभगत कर दस लाख रुपए का फायदा पहुंचाने की कोशिश रहे थे। सूत्रों के मुताबिक इसके एवज में इन कर्मचारियों को अच्छी-खासी रकम मिलनी थी।
ऐसे होता है कामर्शियल असेसमेंट
किसी भी कामर्शियल जमीन के सर्किल रेट (जिला प्रशासन द्वारा तय) में कांप्लेक्स या मॉल की निर्माण लागत (पीडब्यलूडी द्वारा तय) जोड़ दी जाती है। इसके बाद एआरवी (वार्षिक किराया मूल्यांकन) पांच प्रतिशत की दर से निकाला जाता है। इसके बाद मिलने वाली संख्या का 12 प्रतिशत टैक्स बनता है।
अब क्या होगा
अब नगर निगम की कार्यकारिणी समिति में यह मामला रखा जाएगा। कार्यकारिणी नए असेसमेंट 3.68 करोड़ रुपए के हिसाब से ही टैक्स पर सुनवाई करेगी। कार्यकारिणी चाहे तो कुछ छूट देकर टैक्स की रकम यानी वार्षिक 36 लाख रुपए को घटा सकती है। लेकिन अगर छूट नहीं दी गई तो मॉल प्रबंधन को हर साल यह रकम चुकानी होगी।
मॉल का टैक्स तय करने में कर्मचारियों ने गड़बड़ी की है। दूसरी पैमाइश के बाद आए असेसमेंट से साफ है कि मॉल को गलत फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। मामले की जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद चमोली, मेयर