Dehradun : पीड़ित के साथ दुर्व्यव्हार करना चौकी प्रभारी को पड़ा भारी, रिपोर्ट देरी से लिखने पर निलंबित
31 जुलाई को क्षेत्र के गोविंदगढ़ निवासी जसविंदर की मोटरसाइकिल घर के बाहर से चोरी हो गई थी। इसकी सूचना उन्होंने डायल 112 पर भी दी थी। इसके बाद वह एप्लीकेशन लेकर बिंदाल पुलिस चौकी पहुंच गए, लेकिन चौकी प्रभारी ने मुकदमा दर्ज करना तो दूर उनकी बात तक ठीक से नहीं सुनी।
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चोरी की रिपोर्ट देरी से लिखने के मामले में चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने पीड़ित के साथ अच्छा व्यवहार भी नहीं किया था। यही नहीं, पहले दिन तो उसे रिसीविंग भी नहीं दी गई थी। इस मामले को अमर उजाला ने पीड़ित की आवाज बनकर प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मामला बिंदाल चौकी क्षेत्र का है। 31 जुलाई को क्षेत्र के गोविंदगढ़ निवासी जसविंदर की मोटरसाइकिल घर के बाहर से चोरी हो गई थी। इसकी सूचना उन्होंने डायल 112 पर भी दी थी। इसके बाद वह एप्लीकेशन लेकर बिंदाल पुलिस चौकी पहुंच गए, लेकिन चौकी प्रभारी ने मुकदमा दर्ज करना तो दूर उनकी बात तक ठीक से नहीं सुनी। उन्हें रिसीविंग भी नहीं दी गई। जसविंदर ने इधर-उधर शिकायत कर अपनी बात उठाई।
इसके बाद कैंट थाने में दो अगस्त की रात को उनकी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इसी दिन पीड़ित की इस व्यथा को अमर उजाला ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया। एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर ने सीओ मसूरी पल्लवी त्यागी को मामले की जांच सौंपी। जांच में चौकी प्रभारी कमल रावत की लापरवाही सामने आई। सीओ ने शुक्रवार को एसएसपी को रिपोर्ट सौंप दी। एसएसपी ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर चौकी प्रभारी कमल रावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
विवेचना में लापरवाही पर चौकी प्रभारी पर कार्रवाई
एसएसपी ने विवेचना में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने पर लक्खीबाग चौकी प्रभारी संदीप कुमार को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि दो माह पहले दर्ज हुए ठगी के एक मामले की विवेचना ठीक से नहीं की जा रही थी। ठगी एक सैनिक के साथ हुई थी। इस मामले में उच्चाधिकारियों ने चौकी प्रभारी को निर्देशित भी किया, लेकिन वह अपने रवैये से बाज नहीं आए। इस पर शुक्रवार को उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
‘लिखित दें शिकायत या मौखिक, तत्काल हो कार्रवाई’
एसएसपी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि शिकायकर्ता लिखित शिकायत दे या मौखिक या फिर फोन पर बताए। तत्काल कार्रवाई की जाए। सूचना मिलते ही 30 मिनट के अंदर मौके पर पहुंचें। यदि इसमें लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।