उत्तराखंड में अनाथ बच्चों को मिलेगा आरक्षण, सरकार ने की घोषणा
- राज्यमंत्री रेखा आर्य ने नारी निकेतन के नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण
- सरकारी व गैर-सरकारी बाल गृहों में बच्चों रहने वाले बच्चों का जीवन संवारने की घोषणा
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बाल विकास एवं महिला सशक्तीकरण राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि अब प्रदेश के बाल गृहों में रह रहे बच्चों का भविष्य संवारा जाएगा। प्रदेश सरकार सरकारी एवं गैर-सरकारी बाल गृहों में रहने वाले अनाथ बच्चों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने जा रही है। ऐसा करने वाला उत्तराखंड महाराष्ट्र के बाद देश का दूसरा राज्य होगा।
शनिवार को केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन में नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करने पहुंचीं मुख्य अतिथि राज्यमंत्री रेखा आर्य ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अभी तक सिर्फ महाराष्ट्र में बाल गृहों के बच्चों को दो प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। उत्तराखंड में इसे पांच प्रतिशत किया है।
प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा
इससे यहां के बच्चों को सरकारी सेवाओं के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार इन बच्चों के रहने, खाने की समुचित व्यवस्था करने के साथ ही उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। वहीं, अन्य बच्चों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
इससे पहले रेखा आर्य ने नारी निकेतन परिसर में बने किशोर न्याय बोर्ड के नए भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस भवन से अब संवासिनियों के रहने की समुचित व्यवस्था हो सकेगी। इस अवसर पर अपर सचिव महिला कल्याण मेजर योगेंद्र यादव, चीफ प्रोबेशन अधिकारी मोहित चौधरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जेजे बोर्ड सदस्य अनीता गैरोला आदि मौजूद रहे।
संवासिनियों ने योग करके दिखाया
राज्यमंत्री आर्य ने नारी निकेतन का निरीक्षण किया और मानसिक रोगी संवासिनियों का हाल भी जाना। इस दौरान संवासिनियों ने रेखा आर्य को योग करके भी दिखाया। इस दौरान संवासिनियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सामान्य संवासिनियों ने स्वागत गीत गाकर मंत्री का स्वागत किया।