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दून अस्पताल में गैर कोरोना मरीजों के ऑपरेशन बंद
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार और मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने गैर कोरोना मरीजों के ऑपरेशन पर रोक लगा दी है। जरूरत पड़ने पर केवल कोविड मरीजों के ही ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके अलावा पांच विभागों में सामान्य मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। जबकि, सामान्य ओपीडी में भी हर विभाग में रोजाना 25-25 मरीजों की ही जांच की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का फोकस कोरोना मरीजों के उपचार पर रहेगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल मार्च में उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों के आने और उनकी संख्या बढ़ने पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल को पूरी तरह से कोविड अस्पताल में तब्दील कर दिया गया था। यहां पर कोरोना मरीजों के लिए वेंटीलेटर युक्त आईसीयू और अन्य सुविधाओं में विस्तार किया गया। उस वक्त दून अस्पताल में महज पांच आईसीयू थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 100 से अधिक हो चुकी है। कोविड का प्रसार पिछले कुछ महीनों में कम होने पर दून अस्पताल प्रशासन ने फिर से सामान्य मरीजों के लिए भी व्यवस्था को पटरी पर लाना शुरू कर दिया था। इसके तहत सामान्य ओपीडी और ऑपरेशन शुरू कर दिए गए थे, लेकिन पिछले कुछ हफ्ते से अचानक कोरोना मरीजों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी होने से अस्पताल प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है।
इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा अधीक्षक और सभी विभागाध्यक्षों से राय मशविरा करने के बाद शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा। जिसके तहत सामान्य मरीजों के ऑपरेशन और पांच विभागों में मरीजों को भर्ती करने पर रोक और सामान्य ओपीडी में मरीजों की संख्या को सीमित कर दिया गया है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए शारीरिक दूरी बनाने, मास्क पहनने और सैनिटाइजेशन के साथ ही कोरोना टीकाकरण पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
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सामान्य मरीजों को दूसरे सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। कहा कि एक बार फिर से कोरोना को लेकर चुनौती बढ़ गई है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
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उल्लेखनीय है कि पिछले साल मार्च में उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों के आने और उनकी संख्या बढ़ने पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल को पूरी तरह से कोविड अस्पताल में तब्दील कर दिया गया था। यहां पर कोरोना मरीजों के लिए वेंटीलेटर युक्त आईसीयू और अन्य सुविधाओं में विस्तार किया गया। उस वक्त दून अस्पताल में महज पांच आईसीयू थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 100 से अधिक हो चुकी है। कोविड का प्रसार पिछले कुछ महीनों में कम होने पर दून अस्पताल प्रशासन ने फिर से सामान्य मरीजों के लिए भी व्यवस्था को पटरी पर लाना शुरू कर दिया था। इसके तहत सामान्य ओपीडी और ऑपरेशन शुरू कर दिए गए थे, लेकिन पिछले कुछ हफ्ते से अचानक कोरोना मरीजों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी होने से अस्पताल प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है।
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इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा अधीक्षक और सभी विभागाध्यक्षों से राय मशविरा करने के बाद शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा। जिसके तहत सामान्य मरीजों के ऑपरेशन और पांच विभागों में मरीजों को भर्ती करने पर रोक और सामान्य ओपीडी में मरीजों की संख्या को सीमित कर दिया गया है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए शारीरिक दूरी बनाने, मास्क पहनने और सैनिटाइजेशन के साथ ही कोरोना टीकाकरण पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
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सामान्य मरीजों को दूसरे सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। कहा कि एक बार फिर से कोरोना को लेकर चुनौती बढ़ गई है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।