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Dehradun News: ईएनटी चिकित्सा की ओपीडी बंद, मरीज परेशान

Sun, 25 Feb 2024 12:14 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 25 Feb 2024 12:14 AM IST
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OPD for ear, nose and throat treatment has been closed
I- छह महीने के मातृत्व अवकाश पर ईएनटी सर्जन, अस्पताल प्रशासन ने नहीं की वैकल्पिक व्यवस्थाI
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उप जिला अस्पताल में बीते डेढ़ माह से कान, नाक और गले की चिकित्सा की ओपीडी बंद पड़ी है। ईएनटी सर्जन जनवरी माह के मध्य से मातृत्व अवकाश पर हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों के उपचार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों में उपचार करवाने को मजबूर हैं।



उप जिला अस्पताल में कान, नाक और गला रोग चिकित्सा की ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 20 जनवरी से ईएनटी सर्जन अवकाश पर चली गईं थी। मातृत्व अवकाश छह माह का होता है। हालांकि चिकित्सक उससे पहले भी ड्यूटी ज्वाइन कर सकतीं हैं। ईएनटी सर्जन के अवकाश पर जाने के बाद से उनके कक्ष में हड्डी रोग विशेषज्ञ बैठ रहे हैं।
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वहीं कान, नाक और गला रोग चिकित्सा ओपीडी पूरी तरह से बंद हो गई है। अब कान, नाक और गले के मरीज सामान्य रोग चिकित्सा ओपीडी में दिखा रहे हैं। लेकिन बीमारी गंभीर या समस्या अधिक होने पर मरीजों को उपचार के लिए निजी क्लीनिक और अस्पताल में जाना पड़ रहा है। सामान्य रोग चिकित्सक में मरीजों को दवाएं तो लिखी जा रही है। लेकिन उपकरणों से कान, नाक, गले की जांच नहीं की जा रही है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने ईएनटी सर्जन की अवकाश की लंबी अवधि के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।
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Iकान में दर्द था। अस्पताल में दिखाने आया था। लेकिन यहां पता चला कि ईएनटी सर्जन नहीं है। चिकित्सक ने भी केवल दवाएं लिख दी। अगर एक दो दिन में आराम नहीं होता तो निजी क्लीनिक में दिखांऊगा। - विजेंद्र, मरीज
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Iगले में काफी दिनों से दर्द हो रहा है। गले में खराश बनी रहती है। अस्पताल में दिखाने आया तो पता चला ईएनटी सर्जन नहीं है। अभी दवाई ली है। अगर आराम नहीं हुआ तो निजी चिकित्सक के पास जाना पड़ेगा। - रजत तोमर, मरीज
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Iकान में दर्द, खुजली आदि की परेशानी है। उपचार के लिए उपजिला अस्पताल में आया था। लेकिन ईएनटी सर्जन नहीं है। फिलहाल सामान्य चिकित्सक ने दवा लिखी है। आराम नहीं होता तो देहरादून दिखाने जाऊंगा। - सिद्धार्थ चौहान, मरीजI



Iसरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पहले से कमी है। फिलहाल सामान्य चिकित्सक ही कान, नाक और गले के मरीजों को देख रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक के मातृत्व अवकाश से लौटने के बाद ईएनटी रोग चिकित्सा की ओपीडी संचालित हो पाएगी। - डॉ. विजय सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला अस्पतालI
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