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Dehradun News: जौनसार में तीन लाख की आबादी पर वाहनों की संख्या सीमित, ओवरलोडिंग बनी मजबूरी
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I- ओवरलोडिंग के चलते दुर्घटना की बनी रहती है आशंका
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I- छोटे वाहनों पर पूरी तरह टिकी है परिवहन व्यवस्थाI
जौनसार बावर क्षेत्र में तीन लाख की आबादी पर केवल सात रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। यहां परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से छोटे वाहनों पर टिकी हुई है। क्षेत्र में करीब 650 यूटिलिटी और पिकअप संचालित होते हैं। संख्या सीमित होने के चलते वाहनों में जमकर ओवरलोडिंग होती है। इसके चलते दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
साहिया से हरिद्वार के लिए एकमात्र रोडवेज बस है। वह सुबह साढ़े सात बजे विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई, प्रेमनगर, देहरादून होते हुए करीब 12 बजे हरिद्वार पहुंचती है। शाम पांच बजे वापस साहिया आ जाती है। बस निकलने के बाद अगर किसी को विकासनगर या देहरादून जाना है तो उसे यूटिलिटी पकड़नी पड़ती है। यूटिलिटी की संख्या कम है और यात्री अधिक हैं। ऐसे में यात्री ओवरलोड यूटिलिटी और पिकअप में सफर करने को मजबूर होते हैं। कालसी हल्का वाहन यूनियन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि अधिकांश छोटे वाहन ग्रामीण क्षेत्रों के अति दुर्गम कच्चे मोटरमार्गों से होकर गांव तक जाते हैं। बताया कि कई यात्रियों की मजबूरी देखते हुए चालक को क्षमता से अधिक सवारी बैठानी पड़ती है। कहा कि बसें संचालित होती तो यात्रियों का दबाव भी कम होता।
तहसील मुख्यालय कालसी बाजार से तीन किलोमीटर दूर स्थित कालसी गेट से रोजाना सुबह दिल्ली के लिए दो तथा हरिद्वार ऋषिकेश के लिए एक बस सेवा उपलब्ध है। उत्तराखंड परिवहन निगम की एक बस सुबह साढ़े छह बजे हरिपुर कालसी से दिल्ली के लिए जाती है। अगले दिन सुबह छह बजे कालसी गेट पहुंचती है। दूसरी बस सेवा सुुबह 7:15 बजे कालसी गेट से दिल्ली के लिए जाती है। बस अगले दिन सुबह सात बजे कालसी गेट आती है। कालसी गेट से एक बस सुबह 7.15 बजे हरिद्वार-ऋषिकेश के लिए जाती है, जो वहां से वापस शाम छह बजे कालसी गेट पर पहुंचती है। उसकी अधिकांश बसें सुबह चलती है। साढ़े सात बजे के बाद लोगों के पास यूटिलिटी और पिकअप से यात्रा करने का विकल्प रहता है। तहसील मुख्याल और ब्लॉक तक लोग यूटिलिटी और पिकअप से आते हैं।
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चकराता के छावनी बाजार क्षेत्र से एक भी सरकारी या निजी बस का संचालन नहीं किया जाता है। तहसील त्यूणी के लिए देहरादून से उत्तराखंड परिवहन निगम की तीन बसें चलती हैं। पहली बस देहरादून रेलवे स्टेशन से सुबह पांच बजे चलती है। जो विकासनगर-कालसी-चकराता-सावड़ा होकर दिन में एक बजे त्यूणी नया बाजार में पहुंचती है। दोपहर 2:30 बजे बस कथियांन के लिए निकल जाती है। दूसरी बस देहरादून से चकराता रूट होकर त्यूणी होते हुए उत्तरकाशी के झोटाड़ी के लिए जाती है। इसका चकराता बस स्टैंड पर 10 से 20 मिनट का ही स्टाप रहता है। तीसरी बस देहरादून से मसूरी-नौगांव-पुरोला-मोरी-हनोल होते हुए त्यूणी पहुंचती है। त्यूणी से विकासनगर के लिए 25 यूटिलिटी चलती हैं। त्यूणी टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष मनीष चौहान ने कहा की यदि रोडवेज की बसें बढ़ाई जातीं तो लगो को यातायात में और अधिक सुविधा मिल पाती।
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I- ओवरलोडिंग के चलते दुर्घटना की बनी रहती है आशंका
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I- छोटे वाहनों पर पूरी तरह टिकी है परिवहन व्यवस्थाI
जौनसार बावर क्षेत्र में तीन लाख की आबादी पर केवल सात रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। यहां परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से छोटे वाहनों पर टिकी हुई है। क्षेत्र में करीब 650 यूटिलिटी और पिकअप संचालित होते हैं। संख्या सीमित होने के चलते वाहनों में जमकर ओवरलोडिंग होती है। इसके चलते दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
साहिया से हरिद्वार के लिए एकमात्र रोडवेज बस है। वह सुबह साढ़े सात बजे विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई, प्रेमनगर, देहरादून होते हुए करीब 12 बजे हरिद्वार पहुंचती है। शाम पांच बजे वापस साहिया आ जाती है। बस निकलने के बाद अगर किसी को विकासनगर या देहरादून जाना है तो उसे यूटिलिटी पकड़नी पड़ती है। यूटिलिटी की संख्या कम है और यात्री अधिक हैं। ऐसे में यात्री ओवरलोड यूटिलिटी और पिकअप में सफर करने को मजबूर होते हैं। कालसी हल्का वाहन यूनियन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि अधिकांश छोटे वाहन ग्रामीण क्षेत्रों के अति दुर्गम कच्चे मोटरमार्गों से होकर गांव तक जाते हैं। बताया कि कई यात्रियों की मजबूरी देखते हुए चालक को क्षमता से अधिक सवारी बैठानी पड़ती है। कहा कि बसें संचालित होती तो यात्रियों का दबाव भी कम होता।
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तहसील मुख्यालय कालसी बाजार से तीन किलोमीटर दूर स्थित कालसी गेट से रोजाना सुबह दिल्ली के लिए दो तथा हरिद्वार ऋषिकेश के लिए एक बस सेवा उपलब्ध है। उत्तराखंड परिवहन निगम की एक बस सुबह साढ़े छह बजे हरिपुर कालसी से दिल्ली के लिए जाती है। अगले दिन सुबह छह बजे कालसी गेट पहुंचती है। दूसरी बस सेवा सुुबह 7:15 बजे कालसी गेट से दिल्ली के लिए जाती है। बस अगले दिन सुबह सात बजे कालसी गेट आती है। कालसी गेट से एक बस सुबह 7.15 बजे हरिद्वार-ऋषिकेश के लिए जाती है, जो वहां से वापस शाम छह बजे कालसी गेट पर पहुंचती है। उसकी अधिकांश बसें सुबह चलती है। साढ़े सात बजे के बाद लोगों के पास यूटिलिटी और पिकअप से यात्रा करने का विकल्प रहता है। तहसील मुख्याल और ब्लॉक तक लोग यूटिलिटी और पिकअप से आते हैं।
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चकराता के छावनी बाजार क्षेत्र से एक भी सरकारी या निजी बस का संचालन नहीं किया जाता है। तहसील त्यूणी के लिए देहरादून से उत्तराखंड परिवहन निगम की तीन बसें चलती हैं। पहली बस देहरादून रेलवे स्टेशन से सुबह पांच बजे चलती है। जो विकासनगर-कालसी-चकराता-सावड़ा होकर दिन में एक बजे त्यूणी नया बाजार में पहुंचती है। दोपहर 2:30 बजे बस कथियांन के लिए निकल जाती है। दूसरी बस देहरादून से चकराता रूट होकर त्यूणी होते हुए उत्तरकाशी के झोटाड़ी के लिए जाती है। इसका चकराता बस स्टैंड पर 10 से 20 मिनट का ही स्टाप रहता है। तीसरी बस देहरादून से मसूरी-नौगांव-पुरोला-मोरी-हनोल होते हुए त्यूणी पहुंचती है। त्यूणी से विकासनगर के लिए 25 यूटिलिटी चलती हैं। त्यूणी टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष मनीष चौहान ने कहा की यदि रोडवेज की बसें बढ़ाई जातीं तो लगो को यातायात में और अधिक सुविधा मिल पाती।