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एडमिशन तो ले लिया, लेकिन पढ़ाएगा कौन? सालों से मास्टर साहब की कुर्सी है खाली
Fri, 19 Jul 2019 12:33 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 19 Jul 2019 12:33 PM IST
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प्रतीकात्मक
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राजधानी के कॉलेजों में इन दिनों एडमिशन चल रहे हैं। कई ऐसे स्टूडेंट्स हैं, जिन्होंने मेरिट की मुश्किल फाइट पार कर दाखिला लेने में कामयाबी हासिल की है। लेकिन इन छात्र-छात्राओं के लिए बड़ा सवाल यह है कि जिन कॉलेजों में इतनी मशक्कत के बाद एडमिशन लिया है, वहां उन्हें पढ़ाएगा कौन?
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दरअसल, शहर के चार बड़े डीएवी पीजी कॉलेज, डीबीएस, एमकेपी और एसजीआरआर कॉलेज में कुल स्टूडेंट्स की संख्या 20,883 है। लेकिन, इन कॉलेजों में टीचर्स की भारी कमी है। यहां इतने स्टूडेंट्स को पढ़ाने वाले टीचर्स की संख्या महज 241 है। यानी एक टीचर के बाद 87 से ज्यादा स्टूडेंट्स की जिम्मेदारी। कॉलेज खाली पड़े 114 पदों को भरने की मांग लगातार करते आ रहे हैं लेकिन इनकी कहीं सुनी नहीं जा रही है।
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लंबे समय से भर्तियों पर रोक
एडेड कॉलेजों में लंबे समय से नई भर्तियों पर रोक लगी हुई है। जिसकी वजह से किसी भी कॉलेज में खाली पदों के सापेक्ष भर्ती प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पा रही है।
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यूजीसी के नियम की उड़ रही धज्जियां
यूजीसी रेगुलेशन-2010 की बात करें तो प्रति 30 स्टूडेंट्स पर एक टीचर होना चाहिए। इसे और सरल भाषा में देखें तो यूजीसी ग्रांट के लिए 60 स्टूडेंट्स के एक सेक्शन के लिए कम से कम चार टीचर होने चाहिएं। इस तरह देखें तो राजधानी में ही यूजीसी के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।
किस कॉलेज में कितने छात्र और खाली पद
कॉलेज का नाम छात्रों की संख्या कुल पद खाली पद
डीएवी पीजी कॉलेज 12,500 185 53
डीबीएस पीजी कॉलेज 2483 67 19
एमकेपी पीजी कॉलेज 2900 63 34
एसजीआरआर पीजी कॉलेज 3000 40 8
कई कोर्स में तो एक भी टीचर नहीं
एसजीआरआर पीजी कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस में एक भी टीचर नहीं है। अब कॉलेज अपने लेवल से इंतजाम कर रहा है। एमकेपी में भी कमोबेश यही स्थिति है। यहां संविदा टीचर से काम चल रहा है। डीएवी जैसे बड़ी छात्र संख्या वाले कॉलेज में भी कई विषय एक-एक टीचर के भरोसे चल रहे हैं।
हम लगातार शासन और सरकार को खाली पद भरने के लिए पत्र भेज रहे हैं। इसके बावजूद भर्तियां नहीं की जा रही हैं। जिससे छात्रों का नुकसान हो रहा है।
- प्रो. वीए बौड़ाई, अध्यक्ष, प्राचार्य परिषद
एडेड कॉलेजों में हम उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्तियों पर काम कर रहे हैं। जल्द इस पर फैसला लिया जाएगा। इसके बाद शिक्षकों के पद भरे जाएंगे।
-डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री