फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   only 200 rupees honor for indian army winners in uttarakhand.

सैन्य पदक विजेताओं को 200 रुपए का सालाना सम्मान

Sun, 02 Aug 2015 01:24 PM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 02 Aug 2015 01:24 PM IST
विज्ञापन
only 200 rupees honor for indian army winners in uttarakhand.

उत्तराखंड में सैन्य पदक विजेताओं में मात्र 200 रुपए का सालाना सम्मान दिया जा रहा है।

विज्ञापन


सैन्य अधिकारियों को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) और विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम) के लिए उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश से 10 गुने से भी कम सम्मान राशि दी जा रही है। ऐसा नहीं सरकार को इसका अंदाजा नहीं है, बल्कि जब भी बढ़ोत्तरी प्रस्ताव गए, वह अस्वीकार हो गए।

26 जुलाई शौर्य दिवस पर सीएम हरीश रावत और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने एक सम्मान कार्यक्रम में दावा किया  था कि  उत्तराखंड सैन्य पदकों के लिए सर्वाधिक सम्मान राशि देता है। इस पर कुछ सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने अमर उजाला से पीड़ा साझा करते हुए कहा था कि उन्हें राज्य सरकार जितनी सम्मान राशि दे रही है, वह अपमान करने जितनी है।
विज्ञापन


अमर उजाला ने इस मामले में तहकीकात की तो देश भर में सैनिकों को सर्वाधिक सम्मान राशि देने का सरकारी दावा झूठा निकला। पता चला कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश वर्ष 2009 में उल्लेखनीय सेवाओं के पदकों के लिए कई गुणा अधिक एक मुश्त और वार्षिक अनुदान राशि स्वीकृत कर चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके विपरीत प्रदेश में दो सौ से चार सौ रुपए वार्षिक सम्मान राशि दी जा रही है। ऐसा नहीं कि उत्तर प्रदेश के बराबर सम्मान राशि देने में सरकार पर कई करोड़ रुपए का व्यय भार आएगा। प्रदेश सरकार अगर यूपी के बराबर पीवीएसएम, एवीएसएम और वीएसएम को वार्षिक सम्मान राशि देती है तो मात्र 6.6 लाख रुपए सालाना से राज्य के पदक धारक 174 सैन्य अधिकारियों का सम्मान हो जाएगा।

फिलहाल राज्य सरकार 44900 रुपए ही खर्च कर रही है। प्रदेश सरकार अगर यूपी के सम्मान भी पीवीएसएम, एवीएसएम और वीएसएम को वार्षिक अनुदान राशि देती है तो मात्र 6.6 लाख रुपए सालाना से पदक धारक 174 सैन्य अधिकारियों का सम्मान हो जाएगा। फिलहाल राज्य सरकार 44900 रुपए का व्यय है।

इस संबंध में शनिवार को  कार्यवाहक निदेशक सैनिक कल्याण कर्नल अमिताभ नेगी (रि) से सवाल किया तो उन्होंने बताया कि यह निर्णय सरकार के स्तर से होना है। हम अन्य राज्यों से वीरता और उल्लेखनीय सेवाओं के लिए मिल रही सम्मान राशि की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही सरकार को भेज रहे हैं।

यूपी में सम्मान राशि

पदक - एक मुश्त - वार्षिक
पीवीएसएम - 1.15 लाख - 5400 रु
एवीएसएम - 57 हजार - 4800 रु
वीएसएम - 23 हजार - 3000 रु

उत्तराखंड का हाल

पदक - एक मुश्त - वार्षिक
पीवीएसएम - 15 हजार - 400 रु
एवीएसएम - 7 हजार - 300 रु
वीएसएम - 3 हजार - 200 रु

राज्य के पदक धारक
पीवीएसएम - 31
एवीएसएम - 39
वीएसएम- 104

सम्मान की लड़ाई लडे़गी परिषद

राज्य सैनिक कल्याण परिषद इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाएगी। लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह नेगी (रि) ने कहा कि उल्लेखनीय सेवाओं के पदकों का अपना विशेष महत्व है।

जो राशि दी जा रही है वह वाकई सम्मान बढ़ाने लायक नहीं है। परिषद के माध्यम से सरकार से यह मांग की जाएगी कि इसे सम्मान लायक बनाया जाए। इससे पहले वर्ष 2010 में परिषद की अंतिम बैठक में प्रस्ताव अस्वीकृत हुआ था।

सभी पदक हैं महत्वपूर्ण

लेफ्टिनेंट जनरल एमसी भंडारी (रि) ने बताया कि उल्लेखनीय सेवाओं के लिए मिलने वाले पदक भी अहम हैं जिससे सम्मानित लोगों को सम्मान जनक राशि देनी चाहिए। वीरता पदकों की तुलना उनसे करें तो वह इतनी कम हैं कि उसे सम्मान नहीं कहा जा सकता।


सरकार को अन्य राज्यों के सापेक्ष उसे लाना चाहिए। ब्रिगेडियर केजी बहल ने कहा कि इस मामले को वह सरकार से उठाते रहे हैं कि उल्लेखनीय सेवाओं के लिए मिलने वाले मेडल को भी सम्मानजनक राशि दी जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed