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जून 2016 से पहले का चालान, बन गया वरदान

Mon, 12 Dec 2016 10:45 AM IST
अनिल चन्दोला / अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 12 Dec 2016 10:45 AM IST
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one time settlement scheme on mdda challan
निर्माण - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

जून 2016 से पहले अवैध निर्माण करने पर एमडीडीए ने जिन लोगों का चालान किया, उनके लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम वरदान बन गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू की गई स्कीम में ऐसे ही मामलों को शामिल किया जा रहा है। इस तिथि के बाद हुए निर्माण इस योजना में शामिल नहीं होंगे।

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वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत कैबिनेट ने पुराने अवैध निर्माण कार्यों को एक बार कंपाउंड करने की सुविधा दी है। इसके तहत बड़ी संख्या में लोगों ने कंपाउंडिंग के लिए मैप जमा कराए। ऑनलाइन आवेदन के कुछ समय बाद ही इनमें से ज्यादा मैप रिजेक्ट हो गए।
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बाद में पता चला कि स्कीम के तहत केवल ऐसे ही मामलों का सेटलमेंट किया जाएगा, जो आवासीय निर्माण जून 2016 से पहले के होंगे। ऐसे निर्माण का उस तिथि से पहले एमडीडीए से चालान हुआ होना चाहिए। ऐसा ना होने की दशा में भवन स्वामी को उस तिथि से पहले का बिजली और पानी का बिल या अन्य कोई ऐसा प्रमाण प्रस्तुत करना होगा, जिससे उसके निर्माण की तिथि की पुष्टि होती हो।
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स्पष्ट है कि योजना में जून 2016 के बाद के निर्माण शामिल नहीं किए जा सकते हैं। इससे हाल ही में अवैध निर्माण करने वालों को झटका लगा है। अभी तक सभी लोग यह मानकर चल रहे थे कि योजना में शामिल होने पर उन्हें अपने नए अवैध निर्माण को वैध करने का मौका मिलेगा। 

ड्राफ्ट्समैन भी बना सकेंगे नक्शे
सरकार वन टाईम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम के तहत कंपाउंडिंग के लिए नक्शे बनाने का अधिकार पहले ही ड्राफ्ट्समैन को दे चुकी है। इससे जहां लोगों को स्कीम के लिए कंपाउंडिंग मैप कम कीमत पर उपलब्ध हो सकेगा वहीं ड्राफ्ट्समैन को रोजगार भी मिलेगा। कुछ समय पूर्व सरकार ने जब स्कीम का शासनादेश जारी किया तो उसमें कंपाउंड मैप बनाने के लिए केवल आर्किटेक्ट को ही अधिकृत किया था। 


स्कीम में केवल जून 2016 से पहले के आवासीय मामले ही सेटलमेंट किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने उसके बाद के निर्माण को स्कीम के तहत कंपाउंड कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। नियमानुसार उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया है। 
- पीसी दुमका, सचिव, एमडीडीए

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