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सस्ती बाइक के चक्कर में गंवा दिए एक लाख रुपये
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सस्ती बाइक खरीदने के चक्कर में एक व्यक्ति ने 1.09 लाख रुपये गंवा दिए। बाइक बेचने वाले ने खुद को सेना में सूबेदार बताया था। इसी के चलते व्यक्ति को यकीन हो गया, लेकिन बाद में जब धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने पुलिस को शिकायत की।
घटना राजेंद्र चमोला निवासी डोभालवाला के साथ हुई। ऑनलाइन साइट ओएलएक्स पर बाइक खरीदने के लिए उन्होंने एक पोस्ट देखी थी। पोस्ट में बुलेट बाइक काफी कम दाम में बेचने की बात कही गई थी। पोस्ट के साथ दिए गए मोबाइल नंबर पर पांच जनवरी को बात की। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को भारतीय थल सेना में सूबेदार के पद पर लखनऊ में तैनात बताया। बताया कि बाइक लखनऊ में ही है। अगर वह खरीदते हैं तो वह बाइक को सेना के पार्सल सर्विस से भेज देगा। राजेंद्र की छह जनवरी को फिर बात हुई। इस दौरान पीड़ित के नंबर पर आरोपी ने धीरज थापा नाम से बनाया गया सेना का परिचय पत्र भेजा। राजेंद्र से आधार कार्ड की एक फोटो मांगी।
उन्होंने फोटो भेजी, इसके बाद दोनों में 57 हजार रुपये में बाइक की डील तय हुई। आरोपी ने पीड़ित को कहा कि वह आधी रकम का भुगतान करते हैं तो बाइक वह भिजवा रहा है। राजेंद्र ने 25 हजार रुपये एडवांस भुगतान कर दिया। इसके बाद 3500 रुपये और लिए गए। यह रकम भी उन्होंने जमा करा दी। इसके बाद धीरे-धीरे आरोपी ने उनसे 1.09 लाख रुपये जमा करा लिए। कोतवाल एसएस नेगी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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घटना राजेंद्र चमोला निवासी डोभालवाला के साथ हुई। ऑनलाइन साइट ओएलएक्स पर बाइक खरीदने के लिए उन्होंने एक पोस्ट देखी थी। पोस्ट में बुलेट बाइक काफी कम दाम में बेचने की बात कही गई थी। पोस्ट के साथ दिए गए मोबाइल नंबर पर पांच जनवरी को बात की। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को भारतीय थल सेना में सूबेदार के पद पर लखनऊ में तैनात बताया। बताया कि बाइक लखनऊ में ही है। अगर वह खरीदते हैं तो वह बाइक को सेना के पार्सल सर्विस से भेज देगा। राजेंद्र की छह जनवरी को फिर बात हुई। इस दौरान पीड़ित के नंबर पर आरोपी ने धीरज थापा नाम से बनाया गया सेना का परिचय पत्र भेजा। राजेंद्र से आधार कार्ड की एक फोटो मांगी।
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उन्होंने फोटो भेजी, इसके बाद दोनों में 57 हजार रुपये में बाइक की डील तय हुई। आरोपी ने पीड़ित को कहा कि वह आधी रकम का भुगतान करते हैं तो बाइक वह भिजवा रहा है। राजेंद्र ने 25 हजार रुपये एडवांस भुगतान कर दिया। इसके बाद 3500 रुपये और लिए गए। यह रकम भी उन्होंने जमा करा दी। इसके बाद धीरे-धीरे आरोपी ने उनसे 1.09 लाख रुपये जमा करा लिए। कोतवाल एसएस नेगी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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