सावन मास के आखिरी सोमवार को शिवालयों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भोले के श्रृंगार और अभिषेक को लोग आतुर नजर आए। शिवालयों में दोपहर तक लंबी-लंबी कतारें लगी रही। कहीं बाबा का भांग से श्रृंगार हुआ तो कहीं पर धतूरा, बिल्व पत्र और भस्म से। बोल बम के जयकारों के बीच सुबह से शयन आरती तक श्रद्धालुओं का शिवालयों में आना-जाना लगा रहा।
बाड़वाला स्थित मंदिर को सुबह पूजा-अर्चना के बाद भक्तों के लिए खोल दिया गया। जिसके बाद शुरु हुआ अभिषेक श्रृंगार रात्री तक चलता रहा। कई जगहों पर लोगों ने बाबा का सामूहिक रुद्राभिषेक भी किया। विद्यापीठ मार्ग और कैनाल रोड स्थित प्राचीन मंदिर में बाबा का पुष्पों एवं हरी बेल से श्रृंगार किया गया। कई जगहों पर लोगों ने शिव के 108 नामों का जाप भी किया। महिला मंडलियों ने भजन-कीर्तन कर भजन संध्या की। कई जगहों पर आरती के बाद लोगों को प्रसाद भी बांटा गया। डाकपत्थर, कालसी, हरिपुर, जीवनगढ़, रसलूपुर, विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई, लाखामंडल में भी सुबह से शाम तक बाबा के रुद्राभिषेक को लोगों का आना-जाना लगा रहा।