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अयोध्या में राम मंदिर बनते देखना सौभाग्य की बात है : जगद्गुरु रामभद्राचार्य

Thu, 29 Feb 2024 12:33 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 29 Feb 2024 12:33 AM IST
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On receiving the Jnanpith Award, Jagadguru Swami
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I-बोले जगद्गुरु: प्रतिभा का हुआ सही मुल्याकंन, ज्ञानपीठ पुरस्कार से हूं काफी प्रसन्न
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I-टपकेश्वर मंदिर के सत्संग भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रमI

ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज का दून में नागरिक अभिनंदन किया गया। स्वामी रामभद्राचार्य महाराज को 51 किलो फूलों की माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। इससे पहले स्वामी रामभद्राचार्य ने टपकेश्वर मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने कहा कि संस्कृत में अभी काफी शोध की जरूरत है, संस्कृत में शोध कर आने वाले पीढ़ी के लिए काम करुंगा। कहा कि पहले हिंदुओं ने अपने मंदिरों को टूटते हुए देखा है, हम सौभाग्यशाली हैं कि हम लोगों ने अयोध्या में श्रीरामलला का मंदिर बनते देखा।



बुधवार शाम टपकेश्वर महादेव मंदिर के सत्संग भवन में राघव परिवार एवं रामानंद मिशन की ओर से आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में टपकेश्वर मंदिर के महंत कृष्ण गिरि, भगत गिरि, टपकेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण अग्रवाल, एडवोकेट पीयूष प्रकाश ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में पहुंचने से पहले जगद्गुरु टपकेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचे और मंदिर में पूजा अर्चना की।
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भक्तों ने अचानक स्वामी रामभद्राचार्य महाराज को मंदिर में देखा तो कहा कि टपकेश्वर महादेव के साथ ही जगद्गुरु महाराज जी के दर्शन पाकर जीवन धन्य हो गया। इस दौरान महाराज के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ एकत्र हो गई। यहां टपकेश्वर मंदिर के महंत कृष्ण गिरि महाराज और भरत गिरि महाराज ने उन्हें टपकेश्वर मंदिर का चित्र भेंट किया।
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इसके बाद महाराज कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम शुरू किया। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि उन्हें जीवन में कई पुरस्कार मिले लेकिन, ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने से काफी प्रसन्नता है। उन्होंने इस पुरस्कार के लिए उनकी प्रतिभा का सही मूल्यांकन बताया। वहीं इस दौरान आचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने उन्हें गंगाजल और चारधाम का चित्र भेंट किया।
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