खुलासा: CM की सिफारिश पर नियमों की उड़ी धज्जियां
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शिक्षकों के समायोजन में नियमों को ताक पर रखा गया है। कालसी ब्लॉक में प्रधानाध्यापक के चार पद रिक्त होने के बावजूद जूनियर हाईस्कूल कांडोईधार के प्रधानाध्यापक का रायपुर ब्लॉक के स्कूल में समायोजन किया गया है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री की सिफारिश पर यह समायोजन किया गया है।
नियम है कि शिक्षक जिस श्रेणी के विद्यालय में कार्यरत है, उसका समायोजन उसी श्रेणी या फिर उससे आगे की श्रेणी में किया जा सकता है।
ब्लॉक में जगह होने पर ब्लॉक के शिक्षकों का ब्लॉक एवं आसपास के स्कूलों में ही समायोजन होना है, लेकिन विभाग में चहेतों के लिए कोई नियम नहीं है। शिक्षकों को नियमों को ताक पर रखकर मनचाही जगह पर समायोजित किया जा रहा है।
देखिए, यहां कैसे हुआ नियमों में खेल
कालसी ब्लॉक का जूनियर हाईस्कूल कांडोईधार अति दुर्गम (ई) श्रेणी का विद्यालय है। फरवरी 2014 में यहां पदोन्नति पाकर पहुंचे प्रधानाध्यापक का रायपुर ब्लॉक के डी श्रेणी (दुर्गम) में समायोजन किया गया है। जबकि शिक्षक का कालसी ब्लॉक में उसी श्रेणी ई या फिर एफ श्रेणी के विद्यालय में समायोजन होना था।
शिक्षक नेताओं में आक्रोश
नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है, जिसे निरस्त करने की मांग पर संगठन शुक्रवार को शिक्षा महानिदेशक से मिलेगा।
-वीरेंद्र कृषाली, जिला अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
कालसी के स्कूल में छात्र संख्या कम होने से शिक्षक का रायपुर ब्लॉक के स्कूल में समायोजन किया गया है। समायोजन दुर्गम से दुर्गम विद्यालय में किया गया है।
-पदमेंद्र सकलानी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक