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उत्तराखंड: प्रदेश की पहली महिला स्पीकर बनने पर रितु खंडूरी ने कहा- पहले तो पढ़ाई शुरू करनी होगी

Fri, 25 Mar 2022 11:31 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 25 Mar 2022 11:31 AM IST
सार

रितु खंडूरी के विधानसभा अध्यक्ष पद पर नामांकन भरन के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की महिला विधायक उत्साहित हैं। उन्होंने इस निर्णय की तारीफ करते हुए इसे प्रदेश की महिलाओं का सम्मान बताया है।

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On becoming the first woman speaker of state, Ritu Khanduri said –have to start studying first
रितु खंडूरी ने किया नामांकन - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

मैं जानती हूं कि विधानसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक दायित्व है। मैं निष्पक्षता के साथ ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करूंगी। यह कहना है स्पीकर पद पर नामांकन करने वाली विधायक रितु खंडूरी का। रितु दूसरी बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची है। इस बार पार्टी ने उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाने का निर्णय किया है।

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शीर्ष और प्रांतीय नेतृत्व के इस निर्णय के बाद रितु खंडूरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उनके मंत्रिमंडल के अधिकांश सदस्यों व पार्टी के कई विधायकों की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके बाद वह मीडिया कर्मियों से भी मुखातिब हुई। सबसे पहले उन्होंने पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद किया कि उन्हें स्पीकर पद पर नामांकन करने के योग्य समझा गया।
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स्पीकर चुने जाने के बाद उनकी क्या प्राथमिकताएं रहेगी, इस प्रश्न के उत्तर में रितु ने कहा कि वह जानती हैं कि यह एक संवैधानिक पद है। इसलिए सबसे पहले तो उन्हें पढ़ाई शुरू करनी पड़ेगी। विधायी और संसदीय प्रक्रिया से जुड़े नियम-कानूनों को समझना होगा। बकौल रितु, मैं पूरी ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का पालन करूंगी।

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महिला सदस्यों, कार्मिकों और पत्रकारों की सुविधा के लिए करेंगी काम

रितु ने कहा कि पिछले आठ-नौ सालों में महिलाओं के सम्मान में कई योजनाएं संचालित हो रही हैं। उनका सम्मान हो रहा है। उनका नामांकन इसी कड़ी का हिस्सा है। वह स्पीकर की भूमिका में किस तरह महिलाओं के हित में काम करेंगी, इस प्रश्न जवाब में उन्होंने कहा कि वह स्वयं विधायक रही हैं। विधानसभा में भोजनावकाश के दौरान उनके बैठने की व्यवस्था का अभाव खटका। शौचालय की दिक्कत होती है। महिला पत्रकार भी सदन कार्यवाही कवर करने आती हैं। महिला सदस्यों, कार्मिकों और पत्रकारों की सुविधा के लिए इस दिशा में वह काम करेंगी।

दल अलग होने के बावजूद भाजपा और कांग्रेस महिला विधायकों के एक सुर  

पहली बार कोई महिला विधायक उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष बनेंगी। रितु खंडूरी के विधानसभा अध्यक्ष पद पर नामांकन से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की महिला विधायक उत्साहित हैं। उन्होंने इस निर्णय की तारीफ करते हुए इसे प्रदेश की महिलाओं का सम्मान बताया है। केदारनाथ से भाजपा विधायक शैलारानी रावत का कहना है कि उत्तराखंड राज्य महिलाओं के संघर्ष की देन है। पार्टी ने ऋतु को विस अध्यक्ष पद के लिए चुनकर उत्तराखंड की मातृशक्ति का सम्मान किया है। इससे प्रदेश की महिलाएं सामाजिक, आर्थिक  और राजनीतिक रूप में सशक्त होंगी।

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महिलाओं और सभी के लिए गौरव की बात : सविता कपूर

 

कैंट से भाजपा विधायक सविता कपूर ने कहा कि महिला विधायक को प्राथमिकता देकर पार्टी ने बहुत अच्छा निर्णय लिया है। यह महिलाओं और सभी के लिए गौरव की बात है। भगवानपुर से कांग्रेस विधायक ममता राकेश ने इस निर्णय को मातृ शक्ति का सम्मान बताया। कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि विधान सभा अध्यक्ष बनने के बाद रितु खंडूड़ी मातृ शक्ति को आगे बढ़ाने एवं उन्हें सशक्त किए जाने को लेकर फैसले लेंगी। बता दें, बृहस्पतिवार को रितु ने विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल को अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र सौंपा। भाजपा के 16 विधानसभा सदस्य प्रस्तावक और इतने ही सदस्य अनुमोदक बने। अध्यक्ष पद पर चुनाव की प्रक्रिया 26 मार्च को विधानसभा के सदन में होगी।इस दौरान ऋतु के अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा होगी।

विस उपाध्यक्ष के पद के लिए है इनके नाम की चर्चा 

हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि रितु खंडूरी को स्पीकर बनाने का निर्णय स्वागतयोग्य कदम हैं। उन्होंने कहा कि वह तो यह चाहती थी कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता। मंत्रिमंडल में जगह न पा सकने वाले विधायकों की नजर अब विस उपाध्यक्ष की कुर्सी पर है। इस पद को लेकर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ व राजपुर विधायक खजानदास के नाम की चर्चा है। 

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