Omicron in Uttarakhand: सरकार ने नए वैरिएंट को लेकर स्पष्ट की स्थिति, कहा- घबराएं नहीं, प्रदेश में हालात सामान्य
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे आंकलनों के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट के किसी भी प्रकार के भयानक रूप लेने की कोई सूचना नहीं है।
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स्वास्थ्य विभाग ने ओमिक्रॉन को लेकर लोगों से कोविड के अनुरूप व्यवहार करते हुए संयम बनाए रखने की अपील की है। सरकार ने अभी तक राज्य की स्थिति बताते कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सभी लोगों के लिए सतर्कता एवं सावधानी बरतनी जरूरी है।
राज्य में अभी तक एक कोविड-19 ओमिकॉन वैरिएंट रोगी की पुष्टि
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे आंकलनों के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट के किसी भी प्रकार के भयानक रूप लेने की कोई सूचना नहीं है। आमतौर पर देखा जा रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट संक्रमण सामान्यत: मामूली लक्षणों अथवा बिना लक्षणों के साथ ही ठीक हो जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि राज्य में अभी तक एक कोविड-19 ओमिकॉन वैरिएंट रोगी की पुष्टि हुई है।
यह रोगी कांवली रोड देहरादून की निवासी है। जो आठ दिसंबर को स्कॉटलैंड की यात्रा से भारत आई है। इस रोगी की जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट में ओमिकॉन वैरिएंट की पुष्टि 22 दिसंबर को हुई थी। कहा गया कि किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति को रोकने के लिए पूर्ण एहतियात बरती जा रही है। रोगी की स्थिति सामान्य है व उसे किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं हैं। रोगी के माता-पिता की भी कोविड-19 जांच की गई, जिसमें वह पॉजिटिव पाए गए हैं। इनके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं। दोनों रोगियों को भी कोई लक्षण नहीं हैं।
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प्रदेश में कोविड 19 की स्थिति
- प्रदेश में अभी तक कुल 3,44,724 कोविड 19 पॉजिटिव रोगी रिपोर्ट हुए हैं। इनमें से 3,30,886 रोगी स्वस्थ हो चुके हैं। 233 सक्रिय रोगी हैं, जिसमें से 25 रोगी प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों और 208 लक्षणहीन रोगियों को होम आइसोलेशन में रखा गया है।
- राज्य में रिकवरी रेट 95.99 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 2.15 प्रतिशत है।
- अब तक 7415 रोगियों की मृत्यु दर्ज हो चुकी है।
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सरकार का दावा, पूरी हैं तैयारियां
- राज्य में कोविड-19 उपचार के लिए कुल 27186 आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं।
- राज्य में कुल 13674 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड उपलब्ध हैं, जिनमें से आवश्यकता पड़ने पर कोविड 19 के उपचार के लिए 6572 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड आरक्षित किए गए हैं।
- राज्य में कुल 2113 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं, जिनमें से आवश्यकता पड़ने पर कोविड 19 के उपचार के लिए 1655 आईसीयू बेड आरक्षित किए गए हैं।
- प्रदेश में कुल 1451 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, आवश्यकता पड़ने पर 1016 वेंटिलेटर आरक्षित किए गए हैं।
- इसके अलावा 532 एंबुलेंस उपलब्ध हैं।
प्रदेश में ऑक्सीजन की स्थिति
- प्रदेश में कुल 22420 ऑक्सीजन सिलिंडर, 9828 ऑक्सीजन कांसेनट्रेटर, 71 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट काम कर रहे हैं।
- इसके अतिरिक्त 17 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का स्थापना का कार्य चल रहा है।
11 राजकीय जांच केंद्रों में की जा रही आरटीपीसीआर जांच
प्रदेश में 11 राजकीय जांच केंद्रों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। वर्तमान में इन जांच केंद्रों में प्रतिदिन औसतन 15 हजार सैंपल की जांच करने की सुविधा उपलब्ध है। राज्य में कोविड-19 की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, दहेरादून की लैब कार्य कर रही है। इसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में जीनोम सीक्वेंसिंग जांच सुविधा का कार्य शीघ्र शुरू हो जाएगा।
विदेश से आने वाले यात्रियों से अपील
राज्य स्तर से अंतरराट्रीय यात्रा से आने वाले लोगों से अपील की जा रही है कि वह जिला प्रशासन से संपर्क में रहें। ओमिक्रॉन वैरिएंट के नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों में जिला प्रशासन का सहयोग करें। कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करें।