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उत्तराखंड: राजस्थान में पुरानी पेंशन बहाली के फैसले के बाद प्रदेश में भी जगीं उम्मीदें, कई संगठन लड़ रहे हैं लड़ाई

Wed, 23 Feb 2022 11:04 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून।
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून। Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 23 Feb 2022 11:04 PM IST
सार

बीपी सिंह रावत ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जो एनपीएस कार्मिकों के लिए फैसला लिया है, वह ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों एनपीएस कार्मिकों में राजस्थान सरकार के इस फैसले से उत्साह है।

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old pension After decision of restoration of old pension in Rajasthan hopes have been raised in Uttarakhand
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान सरकार की ओर से पुरानी पेंशन बहाली का फैसला लेने के बाद उत्तराखंड के 80 हजार कार्मिकों में भी उम्मीद जग गई है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए लड़ाई लड़ रहे कर्मचारी संगठनों ने राजस्थान सरकार का स्वागत करने के साथ ही उत्तराखंड की सत्ता में आने जा रही नई सरकार से उम्मीद जताई है। साथ ही संगठनों ने अब इस लड़ाई को और तेज करने का आह्वान भी किया है।

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पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष जीत मणि पैन्यूली राजस्थान सरकार के फैसले से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने एक जनवरी 2004 के बाद से नियुक्त सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने का फैसला लिया है। इस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार है कि उन्होंने कर्मचारियों की भावनाओं को समझा।
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उन्होंने कहा कि उनका संगठन पुरानी पेंशन बहाली का देशव्यापी आंदोलन चला रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों की सरकारें भी जल्द पुरानी पेंशन बहाल करेगी। कहा कि उत्तराखंड में आने वाली नई सरकार एक अक्तूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ जरूर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा न होने पर नई सरकार से सीधे आर-पार की लड़ाई होगी। नई सरकार के गठन के बाद एनएमओपीएस उत्तराखंड सभी कर्मचारियों को एकजुट कर नई रणनीति के तहत आंदोलन चलाएगा ताकि राजस्थान की तरह उत्तराखंड की सरकार भी पुरानी पेंशन बहाल करने को बाध्य हो। बताया कि उनके संगठन की ओर से तीन मार्च को पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर हिमाचल में विधानसभा घेराव किया जा रहा है।
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वहीं, राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जो एनपीएस कार्मिकों के लिए फैसला लिया है, वह ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों एनपीएस कार्मिकों में राजस्थान सरकार के इस फैसले से उत्साह है। रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए दिन रात मेहनत करके एनपीएस कार्मिकों ने अपने संघर्ष से पुरानी पेंशन बहाली की आवाज को लगातार सड़क से सदन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। राजस्थान सरकार के सराहनीय कदम से अन्य राज्यों में भी उम्मीद जगी है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि उत्तराखंड राज्य में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे को प्रमुखता से रखा है। उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है तो राज्य के एनपीएस कार्मिकों को उम्मीद है उत्तराखंड दूसरा राज्य होगा, जो पुरानी पेंशन बहाली करेगा। कहा कि अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पुरानी पेंशन बहाली को गंभीरता से लें, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में यह बड़ा मुद्दा बनने वाला है। 

इंजीनियरों ने भी जताया हर्ष
इंडियन इंजीनियर्स फेडरेशन ने भी पुरानी पेंशन बहाल करने पर राजस्थान सरकार का आभार जताया है। फेडरेशन के नॉर्दर्न रीजन के प्रेसीडेंट जितेंद्र सिंह देव ने कहा कि निश्चित तौर पर कर्मचारियों के लिए यह बड़ी सौगात है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार और देश के अन्य राज्य भी पुरानी पेंशन बहाल करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएं।

राजस्थान ने साफ कर दिया सबका रास्ता
पुरानी पेंशन बहाली मामले पर उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन ने भी राजस्थान सरकार का स्वागत किया है। संगठन के प्रदेश महामंत्री पंचम सिंह बिष्ट ने कहा कि निश्चित तौर पर राजस्थान सरकार के इस फैसले से देशभर के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली का रास्ता खुल गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अगर आने वाली नई सरकार इस दिशा में आनाकानी करेगी तो सभी संगठन एकजुट होकर लड़ाई लड़ने को बाध्य होंगे।

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