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...यहां है दुघर्टना का 'सरकारी' इंतजाम
अमर उजाला, कर्णप्रयाग
Updated Thu, 03 Oct 2013 05:44 PM IST
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चमोली जिले के नारायणबगड़ ब्लाक के उत्तरी कड़ाकोट के कई गांवों में बिजली की लाइनें जर्जर हालत में है। लाइन के तार कहीं पेड़ों को छू रहे हैं तो कहीं खेतों में झूल रहे हैं।
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एक ओर लटके हुए पोलों पर करंट दौड़ रहा है। बुधवार को सुनभि गांव में पोल पर दौड़ रहे करंट से एक मवेशी की मौत हो गई। सुनभि के महादेव सिंह ने कहा कि उनकी गोशाला के निकट गाड़े गए पोल पर दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से भैंस की मौत हुई है।
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1990 में विद्युत लाइनें खिंची
वहीं कोट के प्रधान जगत सिंह बुटोला ने बताया कि क्षेत्र में 1990 में विद्युत लाइनें खिंची थी। तब से लेकर इन लाइनों की मरम्मत तो दूर लॉपिंग भी नहीं हुई, जिससे कोट, भटियाणा, भुलक्वाणी, सुनभि, कोठली, चिरखून, जाखपाट्यूं जाने वाली लाइनें यहां पेड़ों को छू रही है और खेतों में झूल रही हैं। निगम निराकरण तो दूर निरीक्षण तक नहीं कर पाया है।
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माफी की घोषणा के बाद भी भेज रहे बिल
चिरखून के निर्वतमान प्रधान सुशील कांति, हरीश जोशी ने बताया कि 11 अगस्त को बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। जिस पर आपदा प्रभावित क्षेत्र के लिए बिजली के बिलों में सीएम ने छूट देने की घोषणा की थी। बावजूद इसके यहां सभी उपभोक्ताओं भारी भरकम बिल थमाए जा रहे हैं।