फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   officers give penalty for mnrega bill in uttarakhand

समय पर नहीं भेजे मजदूरी के बिल, तो अफसरों से ऐसे हुई वसूली

Thu, 13 Jul 2017 08:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 13 Jul 2017 08:16 PM IST
विज्ञापन
officers give penalty for mnrega bill in uttarakhand

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना(मनरेगा) में मजदूरी का बिल समय पर न भेजना अफसरों को भारी पड़ा। ऐसे लापरवाह अधिकारियों से विभाग ने 16.28 लाख रुपये की राशि वसूल की है।

विज्ञापन


इसमें ग्राम्य विकास अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता और खंड विकास अधिकारी शामिल हैं। जो मनरेगा मजदूरी का बिल भेजने को अधिकृत हैं। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से सभी जनपदों को निर्धारित समयावधि के भीतर बिल भेजने के लिए सख्त निर्देश दिए गए। बिलिंग कार्य में उधमसिंह नगर सबसे टॉप पर है। जबकि हरिद्वार जनपद की स्थिति बेहद खराब है। 
विज्ञापन


राज्य में मनरेगा योजना में काम करने वाले जॉब कार्ड धारक की मजदूरी का भुगतान समय पर न होने से ग्राम्य विकास विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। बिल देरी से भेजने वाले अफसरों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2016-17 में मजदूरी बिल भेजने में देरी करने वाले अफसरों से 16.28 लाख रुपये की राशि पेनल्टी के रूप में वसूली गई। मनरेगा में प्रावधान है कि काम पूरा होने पर पंद्रह दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य है।

ऐसा न करने पर संबंधित अधिकारी को .05 प्रतिशत के हिसाब से विलंब भुगतान वसूला जाता है। इसके बावजूद भी कई अफसर इसमें लेटलतीफी कर रहे हैं। जिस कारण मजदूरों को पेमेंट देरी से मिल रही है। प्रदेश में करीब 72 करोड़ रुपये बकाया मजदूरी का भुगतान करना बाकी है। 

15 दिनों के भीतर जमा करना होता है मजदूरी का बिल

officers give penalty for mnrega bill in uttarakhand

सही समय पर बिल भेजने में उधमसिंह नगर सबसे आगे
उत्तराखंड में मनरेगा के तहत मजदूरी की बिलिंग स्थिति 86.83 प्रतिशत है। जिसमें सही समय पर बिल भेजने में उधमसिंह नगर सबसे आगे है। जबकि हरिद्वार जनपद की स्थिति सबसे खराब है। ग्राम्य विकास विभाग ने निर्धारित समय के भीतर शत प्रतिशत बिलिंग करने के लिए जनपदों को निर्देश दिए हैं। 

15 दिनों के भीतर जमा करना होता है मजदूरी का बिल
मनरेगा के तहत जारी मस्ट्रोल में जॉब कार्ड धारक की मजदूरी का बिल काम समाप्त करने के 15 दिनों के भीतर एमआईएस पर ऑनलाइन अपलोड करना होता है। जहां से पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम से नेशनल पब्लिक कारपोरेशन लिमिटेड मजदूरी का भुगतान करने को बैंकों को भेजता है। कामगार ने जिस बैंक में खाता खोला है, मजदूरी की राशि सीधे उसी खाते में जमा होती है। 

मनरेगा योजना में निर्धारित समयावधि में शत प्रतिशत बिलिंग करने का प्रयास किया जा रहा है। जिन जनपदों की प्रोग्रेस ठीक नहीं है। उन्हें इसकी तेजी लाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। ताकि मनरेगा में काम करने वाले जॉब कार्ड धारक को समय पर मजदूरी प्राप्त हो सके।
-युगल किशोर पंत, अपर सचिव, ग्राम्य विकास

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed