राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता चयनित खिलाड़ी को ले जाने ही भूले अफसर
- कर्नाटक में आज से होनी है राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन
- राज्यस्तरीय कबड्डी में कांस्य पदक जीत चुके हैं मनीष पाल
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अक्सर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं में रहने वाला शिक्षा विभाग अब खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में कांस्य पदक विजेता रहे एक होनहार खिलाड़ी को शिक्षा विभाग के अधिकारी नेशनल प्रतियोगिता में ले जाना ही भूल गए।
शिक्षा विभाग की 65वीं राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता सोमवार से कर्नाटक में शुरू होनी है, लेकिन एक होनहार खिलाड़ी को नेशनल प्रतियोगिता में ले जाना विभागीय अधिकारी भूल गए हैं। थौलधार ब्लाक के राइंका बेरगणी पाली में 11वीं कक्षा के छात्र मनीष पाल का चयन कबड्डी अंडर 17 वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था।
19 से 21 अक्तूबर के बीच मुनिकीरेती में आयोजित राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी मनीष पाल को कांस्य पदक देकर अधिकारियों ने उसकी खूब तारीफ की थी। कर्नाटक में होने वाली राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए देहरादून से 15 नवंबर को टीम रवाना हो चुकी थी, लेकिन मनीष पाल के कोच जय सिंह कठैत को 16 नवंबर को विभागीय अधिकारियों ने मनीष को कर्नाटक भेजने की विधिवत सूचना भेजी।
अपनी प्रतिभा दिखाने से वंचित रह गया मनीष
विभागीय अधिकारियों की इस लचर कार्यप्रणाली के कारण एक होनहार खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने से वंचित रह गया। मनीष का कहना राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए वह कई दिनों से तैयारी कर रहा था। विभागीय अधिकारियों के तालमेल का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा।
ब्लाक शिक्षा अधिकारी के स्तर पर खिलाड़ी मनीष पाल और उसके कोच को समय पर सूचना देने में यह बड़ी भूल हुई है। 16 नवंबर को मुझे यह शिकायत प्राप्त हुई है, जबकि 13 नवंबर को बीईओ को मेल से यह सूचना भेज दी गई थी। बीईओ ने मेल चेक नहीं की है। बीईओ से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण आने के बाद उच्च अधिकारियों को उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भेजी जाएगी।
- एसपी सेमवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी
खिलाड़ी को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्यों नहीं ले गए। इसकी जांच की जाएगी। इसमें जो दोषी होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -आरके कुंवर, विद्यालयी शिक्षा निदेशक, उत्तराखंड