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साहब को सता रहा खालीपन का डर
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 18 Feb 2014 03:03 PM IST
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एक विभाग के अफसर की कड़ाई से उनके मातहत इस कदर त्रस्त हैं कि जब तक वह आफिस से बाहर रहते हैं चाय-पकौड़े का दौर चलता है। उनके आफिस पहुंचते ही सबको सांप सूंघ जाता है। अब उनके रिटायरमेंट में नौ माह बाकी हैं।
आने वाले दिनों के खालीपन का डर अफसर को भी सता रहा है, लिहाजा वह यदा-कदा मातहतों से घुलने-मिलने की कोशिश करते हैं, लेकिन मातहत भाव देने से घबरा रहे हैं।
उनका डर है कि अफसर तो रिटायर हो जाएंगे, लेकिन अगर अगला अफसर ऐसा ही आया तो कैसे निभाएंगे?
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आने वाले दिनों के खालीपन का डर अफसर को भी सता रहा है, लिहाजा वह यदा-कदा मातहतों से घुलने-मिलने की कोशिश करते हैं, लेकिन मातहत भाव देने से घबरा रहे हैं।
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उनका डर है कि अफसर तो रिटायर हो जाएंगे, लेकिन अगर अगला अफसर ऐसा ही आया तो कैसे निभाएंगे?