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पेयजल निगम घाटे में, अफसर कर रहे फिजूलखर्ची!
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 26 Mar 2016 01:41 AM IST
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उत्तराखंड जल निगम सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश भंडारी ने बताया कि एमडी भजन सिंह मीडिया में बयान दे रहे हैं कि मेरी ओर से उन पर व्यक्तिगत कार्य के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर वह साबित कर दें तो मैं अध्यक्ष पद और ट्रेड यूनियन से इस्तीफा दे दूंगा। वह जो बयान दे रहे हैं उसे साबित न कर पायें तो उन्हें नैतिकता के आधार पर एमडी के पद से इस्तीफा देना चाहिए।
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दरअसल एमडी भजन सिंह ने मीडिया को जारी बयान में कहा था कि पेंशन की मांग पूरी करने को लेकर ही शासन पर दबाव बनाया जा रहा है। आरोप लगाया एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश भंडारी निजी कार्यों को लेकर बेवजह दबाव बनाते हैं। मांगों को तवज्जो न देने पर विरोध हो रहा है।
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लग रहा लाखों का चूना
वहीं, दिनेश भंडारी ने बताया कि उन्होंने पेयजल निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार, फिजूलखर्ची की गुहार शासन से की थी। पेयजल निगम ऐसे फिजूलखर्ची और भ्रष्टाचार के कारण निगम वित्तीय वर्ष 2014-15 तक करीब 195 करोड़ के घाटे में चल रहा है। इस पर नकेल कसने के लिए मैंने शासन से गुहार लगाई थी।
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निगम में विवादित अभियंताओं व स्टेनोग्राफर को सेवानिवृत्ति के बाद पुन: नियुक्ति देकर लाखों का चूना हर माह निगम को लग रहा है। सूत्र बताते हैं कि ये सब एमडी के खासमखास हैं। निगम में एक ओर जहां कार्यरत अभियंताओं के पास काम नहीं है वहीं दूसरी ओर निगम मोहाली चंडीगढ़ की एक आउटसोर्स कंपनी से 111 जेई और 40 ड्राफ्टमैन की भर्ती जनवरी-फरवरी माह में कर दी है। इससे निगम पर करोड़ों का अनावश्यक बोझ पड़ रहा है।