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भूमाफिया और कंपनियों के बीच ‘चकरघिन्नी’ बने अफसर
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 05 Dec 2013 04:15 PM IST
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देहरादून के नकरौंदा में बिछी भूमाफिया और कंपनियों की बिसात पर प्रशासन उलझ गया है। यहां घुसने वाला अफसर चकरघिन्नी हो जा रहा है।
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एक बात जाहिर है कि कुबेर के पक्ष में दबाव बढ़ रहा है। नकरौंदा की हर कड़ी में गड़बड़ी है। प्रशासन को इस कड़ी का सिरा समझ में नहीं आ रहा है। मेसर्स कुबेर प्लांटर्स की तरफ से हाईकोर्ट के दो आदेश प्रशासन के पास लाए गए।
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एक आदेश पर जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम को शक हुआ था, जिसकी जांच के लिए लेखपाल को भेजा गया था। डीएम बताते हैं कि दोनों आदेश जमीन को डिसील करने के लिए थे।
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जांच कमेटी ने डिसील का निर्णय दिया
जब पहले एक आदेश हो चुका था तो उसी तरह का दूसरा आदेश क्यों आया? यह डीएम भी नहीं समझ पा रहे हैं। कहते हैं कि ‘यही बात तो समझ में नहीं आती।’ डीएम कहते हैं कि जांच कमेटी ने डिसील का निर्णय दिया है।
अगर सीधे डिसील कर दिया तो फायदा कुबेर प्लांटर्स को मिलेगा। कमेटी की इसी रिपोर्ट पर एडीएम वित्त झरना कमठान ने बदलाव कराया था। एडीएम ने कुबेर के इस प्रकरण में आने के पहले की स्थिति में डिसील करने के लिए कहा था।
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इस पर यह मामला एक कंपनी और वेलहम गर्ल्स स्कूल के पक्ष में जाता। कुबेर का विवाद पहले वाली कंपनी से था। उस कंपनी का नाम फिलहाल कोई अधिकारी नहीं बता रहा है। इस विवाद के बाद मामला कुर्क हुआ था।
कुर्की के पहले वाली स्थिति में डिसील होने पर कुबेर को क्षति पहुंचेगी। सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण से अफसरों की हालत चकरघिन्नी की सी हो गई है। भूमाफिया और कंपनियों ने ऊपर तक दबाव बना दिया है। नकरौंदा की भूमि में कुछ नेताओं का भी पैसा लगा है।
सर्टिफाइड कॉपी लेने कोर्ट जाएंगे एसडीएम
नकरौंदा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से सर्टिफाइड कॉपी लेने अब एसडीएम जाएंगे। डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने यह आदेश कर दिया है। पहले कागजात लेने के लिए लेखपाल को भेजा गया था।
अमर उजाला ने मामला उठाकर बताया था कि हाईकोर्ट से कागजात मंगाने के लिए गजटेड अफसर को भेजा जाता है। डीएम ने बताया कि आदेश आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम के तबादले पर चर्चाएं
एडीएम वित्त झरना कमठान के तबादले को नकरौंदा प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे प्रशासन के हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
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एडीएम वित्त के तबादला के बाद कुबेर ग्रुप के इस प्रकरण पर प्रशासन ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। इस मामले में पहले दो और गजटेड अफसरों को हटाया जा चुका है।
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की जांच
नकरौंदा की तीन सौ मीटर ग्राम समाज की भूमि पर भूमाफिया का कब्जा है। डीएम ने बताया कि संबंधित भूमि के मामले में जांच बैठा दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
दबंगों ने दबाई निगम की जमीन
कारगी ग्रांट में दबंगों ने नगर निगम की जमीन दबा ली है। इस जमीन पर नलकूप लगना था लेकिन दबंगों ने यहां चहारदीवारी करा दी है। निगम का कोई कर्मचारी फटक नहीं पाता है। कब्जा हटाने के लिए निगम ने डीएम और एसएसपी से गुहार लगाई है। अवैध कब्जा छह दिसंबर को हटाया जाना है।