{"_id":"a30ae938299fecddf51e5f9ee5b891c6","slug":"office-office-about-suspended-officer","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो सजायाफ्ता अफसरों को कर दिया बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो सजायाफ्ता अफसरों को कर दिया बहाल
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 25 Jun 2014 02:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में दो सजायाफ्ता निलंबित प्रधानाचार्यों को बर्खास्त करने केबजाय बहाल कर दिया गया।
विज्ञापन
उठ रहे कई सवाल
न्याय विभाग और प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में गठित विभागीय विजिलेंस कमेटी की राय के खिलाफ दोनों दोषी प्रधानाचार्यों को सेवा में बहाल करना कई सवाल खड़े करता है।
मार्च 2010 में ऊधमसिंहनगर जिले में गदरपुर व गुलरभोज स्थित अनुसूचित जनजाति राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के प्रधानाचार्य क्रमश इनाम अली व जमना प्रसाद को विजिलेंस ने विद्यालयों में भोजन आपूर्ति करने वाली कंपनी से रिश्वत लेते पकड़ा था।
विज्ञापन
3 मई 2013 को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों को 3-3 साल की सजा सुनाई। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 4 मई 2013 को निदेशक जनजाति और निदेशक ने 7 मई को शासन को पत्र लिखकर कार्रवाई किए जाने को कहा।
विज्ञापन
शासन से दोनों का निलंबन नहीं किया और इसी बीच इनाम अली ने उच्च न्यायालय से जमानत लेकर काम शुरू कर दिया। थी।
विजय बहुगुणा के आदेश पर हुए थे सस्पेंड
24 मई 2013 को अमर उजाला में जब इसकी खबर प्रकाशित हुई तो तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा के आदेश पर दोनों को सस्पेंड किया गया।
दोनों ने 30 अक्टूबर 2013 को हाई कोर्ट से निचली अदालत के फैसले पर स्थगनादेश ले लिया और न्यायालय ने दोनों केखिलाफ अग्रिम सुनवाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने को कहा।
लेकिन लंबी जद्दोजहद के बाद 23 जून 2014 की शाम प्रमुख सचिव समाज कल्याण एस राजू ने दोनों की बहाली केआदेश जारी कर दिए।
इससे पहले न्याय विभाग ने फाइल पर नोटिंग की और कहा कि दोनों सजायाफ्ता है और इन्हें बहाल करना नियमों के विपरीत होगा। इसके बाद फाइल विभागीय विजिलेंस कमेटी के पास गई।
कमेटी के अध्यक्ष विभागीय प्रमुख सचिव ही होते है। कमेटी ने भी अपनी राय देते हुए बहाल नहीं करने को कहा। लेकिन मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद दोनों को बहाल करने के आदेश जारी कर दिए गए।
न्याय विभाग और मेरी अध्यक्षता वाली विजिलेंस कमेटी ने दोनों अफसरों को बहाल नहीं करने की राय दी थी। लेकिन उच्च स्तर से फैसला ले लिया गया है। इसी लिए दोनों के बहाली आदेश जारी किए गए है।
- एस राजू, प्रमुख सचिव समाज कल्याण