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अब ऑनलाइन हो जाएंगी न्याय पंचायतें
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 29 Jul 2014 01:43 PM IST
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उत्तराखंड की न्याय पंचायतों को ब्राडबैंड सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना को भारत ब्राडबैंड नेटवर्क लिमिटेड दस जनपदों में पायलट स्तर पर शुरू करेगा।
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आप्टिकल फाइबर बिछाने की सहमति
राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साथ सोमवार को बीबीएनएल के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें ब्राडबैंड के लिए आप्टिकल फाइबर बिछाने की सहमति बनाई गई।
नेशनल आप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) के तहत न्याय पंचायतों को जोड़ने की योजना जल्द शुरू हो जाएगी। इस योजना के तहत ई- सर्विस और ई-एप्लिकेशन को पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा।
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डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत सब्सिडी का लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते तक पहुंचाने के लिए एनओएफएन इस्तेमाल की जाएगी।
इससे ग्रामीण स्तर पर सहकारिता और ग्रामीण बैंक को सीबीएस (कोर बैंकिंग सिस्टम) से जोड़ा जा सकेगा। आप्टिकल फाइबर बिछने से ग्रामीण स्तर पर भी डाटा ट्रांसफर तेज हो जाएगा।
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एनओएफएन स्थापित होने के बाद इसके डाटा बेस का जिम्मा प्रत्येक राज्यों के नेशनल इन्फोर्मेटिक सेंटर (एनआईएस) को दिया जाएगा।
आप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए भूमि राज्य सरकार को मुहैया करवानी होगी। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी के अपर सचिव रविनाथ रमन और बीबीएनएल के अधिकारी मौजूद रहे।
लटके ई-गवर्नेंस को मिलेगा सहारा
पंचायत स्तर पर आप्टिकल फाइबर पहुंचने से ई-गवर्नेंस की परियोजना को मजबूती मिलेगी। 7 वर्ष से राज्य का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ई-गवर्नेंस की राष्ट्रीय योजनाओं को क्रियान्यवन में नाकाम रहा है।
नेशनल ई-गवर्नेंस प्रोग्राम में उत्तराखंड सर्वाधिक फिसड्डी राज्यों में हैं। स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क तो आईटीडीए ने स्थापित किये लेकिन अन्य पांच प्रोग्राम अधर में लटके हैं।
केंद्र से सात सदस्यीय विशेष टीम का ई-गवर्नेंस को तेज करने में कोई योगदान नहीं रहा है। उनकी तैनाती को लेकर कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं।