{"_id":"574be3a84f1c1b3f3f10948f","slug":"nutan-climb-mount-everest","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड की बेटी ने किया एवरेस्ट फतह, बढ़ाया मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड की बेटी ने किया एवरेस्ट फतह, बढ़ाया मान
आशा प्रसाद सेमवाल/ अमर उजाला, गुप्तकाशी
Updated Mon, 30 May 2016 12:25 PM IST
विज्ञापन
nutan
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के गुनांऊ गांव निवासी नूतन वशिष्ठ ने 26 मई की मध्य रात्रि को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर जनपद और उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। गढ़वाल परिक्षेत्र की वह पहली एनसीसी कैडेट है, जिसने एवरेस्ट पर फतह की है।
विज्ञापन
मार्च में टीम के साथ नूतन ने माउंट एवरेस्ट के लिए कूच किया था। कई दिन बेस कैंप में प्रशिक्षण के बाद दो माह के अथक प्रयास से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया है। इस अभियान के दौरान टीम के सात सदस्यों की बर्फीले तूफान की चपेट में आने से मौत हो गई थी। नूतन के पिता गिरीश चंद्र वशिष्ठ सेना में तैनात है।
विज्ञापन
वह स्वयं राजस्थान के बीकानेर से एमकाम की पढ़ाई कर रही है। बेटी की इस सफलता से गदगद सुशीला देवी का कहना है कि उनकी बेटी ने जनपद में ही नहीं वरन, प्रदेश, देश और दुनिया में भी पहचान दिला दी है। स्कूली जीवन से पर्वतारोहण के प्रति उसकी रुचि आज सार्थक साबित हो गई। उन्होंने बताया कि बेटी के साथ फोन पर संपर्क हुआ है, वह कुशलपूर्वक है और अपने कोच और टीम के अन्य सदस्यों के साथ कैंप लौट रही है।
विज्ञापन
नूतन की उपलब्धियां
माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली नूतन ने वर्ष 2014 में गंगोत्री के समीप रुद्रगेरा, सिक्कम से माउंट रिनांक, हिमाचल प्रदेश में माउंट टिब्बा और वर्ष 2015 में उत्तराखंड में माउंट त्रिशूल को फतह किया। नूतन ने हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान से बेसिक प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।