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नर्सों की हड़ताल से मरीज बेहाल, ऑपरेशन टाले

Tue, 08 Sep 2015 02:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 08 Sep 2015 02:34 AM IST
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nurses strike in uttarakhand.

गर्भवती महिलाएं काटती रहीं अस्पतालों के चक्करनर्सों के सामूहिक कार्य बहिष्कार से सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं चरमरा गई। अस्पतालों में ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। नर्सों के काम न करने से मरीजों को परेशानी हो रही है। खासकर गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकना पड़ रहा है।

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हालांकि स्वास्थ्य विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्थिति नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है। नर्सें अगले दो दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगी।

ग्रेड पे बढ़ाने समेत विभिन्न लंबित मांगों पर प्रदेश भर की सरकारी नर्सेज ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को तीन दिन की छुट्टी ले ली। नर्सों के काम पर न आने से सर्जिकल और मेडिसिन वार्डों के अलावा आपरेशन थियेटर, डायलिसिस, आईसीयू वार्डों में दिक्कत आ रही है।
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मरीजों को समुचित तरीके से इंजेक्शन, ग्लूकोज और दवाएं न मिल पाने की शिकायतें आई हैं। सर्वाधिक दिक्कत डायलिसिस और आपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को हो रही है। वैकल्पिक व्यवस्था में भी ट्रेंड स्टाफ न मिलने से ऑपरेशन नहीं किए गए। गर्भवती महिलाओं को सीजेरियन के लिए एनआरएचएम के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ रहा है।

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नौसिखिए इंटर्न के ऊपर डाल दी जिम्मेदारी

nurses strike in uttarakhand.

विभाग भले ही वैकल्पिक व्यवस्था के दावे कर रहा है। लेकिन सोमवार को इंटर्न स्टाफ की परेशानी भी साफ नजर आई। कई इंटर्न इंजेक्शन लगाने के लिए मरीजों की नस ही नहीं ढूंढ पा रहे थे।

नर्सों ने की बैठक
सोमवार को नर्सेज कालोनी में हुई बैठक में उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन ने इस बार मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। बैठक में एसोसिएशन की प्रांतीय अध्यक्ष अंजना भौमिक, महामंत्री कृष्णा रावत, प्रवक्ता लक्ष्मी पुनेठा, राजेश्वरी, इंदु, रेखा बिष्ट, सुभाषिनी आदि मौजूद रहे।

हड़ताल पर इनका है कहना
नर्सेज की मांगों पर लंबे समय से सरकार उपेक्षित रवैया अपना रही है। इसलिए आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
-लक्ष्मी पुनेठा, प्रवक्ता नर्सेज एसोसिएशन

बनाई गईं आपातकालीन व्यवस्थाएं

nurses strike in uttarakhand.

ऑपरेशन थियेटर को छोड़कर सभी वार्डों में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। फार्मेसिस्ट, संविदा नर्सों, इंटर्न को ड्यूटी पर लगाया गया है।
-डॉ. आरएस असवाल, प्रमुख अधीक्षक दून अस्पताल

जिन महिलाओं को इमरजेंसी ऑपरेशन की जरूरत है, उन्हें पैनल में शामिल अस्पताल रेफर किया जा रहा है। बाकी समर्पण संस्था की 30 एएनएम को भी ड्यूटी में लगाया है।
-डॉ. मीनाक्षी जोशी, सीएमएस जिला महिला अस्पताल

अरबन हेल्थ सेंटर से 20 स्टाफ नर्सेस बड़े अस्पतालों में भेजी हैं। ऑपरेशन थियेटर में दिक्कत आ रही है। महानिदेशालय को इस बारे में अवगत करा दिया गया है।
-डॉ. एसपी अग्रवाल, सीएमओ

प्रमुख मांगें
- ग्रेड पे बढ़ाया जाए
- डिप्टी डाइरेक्टर नर्सिंग और ज्वाइंट डाइरेक्टर नर्सिंग के पदों को भरा जाए
- लंबित ढांचा और नियमावली जारी किया जाए
- चिकित्सा शिक्षा में उप निदेशक नर्सिंग के पद पर तुरंत पदोन्नति

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