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एनटीपीसी कोरबा की पहल:कोयले से बिजली और राख से हरियाली

Wed, 16 Sep 2026 07:55 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 07:55 PM IST
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NTPC Korba's Initiative: Electricity from Coal and Greenery from Ash
एनटीपीसी कोरबा की पहल:कोयले से बिजली और राख से हरियाली
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4:30 लाख से अधिक पौधे लगाकर हरित क्षेत्र में बदला
छत्तीसगढ़ से बिशन सिंह बोरा
कोरबा । पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एनटीपीसी कोरबा की पहल ने विशेष रूप से आकर्षित किया। यहां कोयले से बिजली बनाने के दौरान निकलने वाली राख के बेहतर उपयोग और पुनर्वास पर योजनाबद्ध काम किया जा रहा है। चारपारा ऐश डाइक के पुनर्वासित क्षेत्र में 4.5 लाख से अधिक पौधे लगाकर उसे एक हरित क्षेत्र में बदल दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोरबा संयंत्र ने 60.71 लाख मीट्रिक टन राख का सफलतापूर्वक उपयोग किया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) देहरादून की ओर से आयोजित पांच दिवसीय मीडिया एक्सपोजर टूर के तीसरे दिन छत्तीसगढ़ के कोरबा में एनटीपीसी और भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड का दौरा किया। इस दौरान देश के ऊर्जा उत्पादन, आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया।
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एनटीपीसी कोरबा में आयोजित संवाद बैठक में कार्यकारी निदेशक केसी. पात्रा ने एनटीपीसी की भावी योजनाएं साझा कीं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एनटीपीसी की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 91 गीगावाट है, जिसे वर्ष 2037 तक 150 गीगावाट और देश की आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 तक 240 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
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2,600 मेगावाट क्षमता वाले एनटीपीसी कोरबा संयंत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 87.71 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर दर्ज किया, जो लगातार छठे वर्ष एनटीपीसी के सभी स्टेशनों में सर्वाधिक रहा। इसके साथ ही कोरबा की यूनिट-सात ने लगातार 455 दिन और यूनिट-एक ने 495 दिन बिना रुके चलने का रिकॉर्ड बनाया है। इससे पूर्व, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय बिलासपुर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (तकनीकी–संचालन) रमेश चंद्र महापात्र और निदेशक (तकनीकी– योजना एवं परियोजना) नृपेंद्र नाथ ने कंपनी की कोयला खनन योजनाओं की जानकारी साझा की।


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