अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे उत्तराखंड के लिए एनआरसी बेहद अहम: सीएम त्रिवेंद्र
- मुख्यमंत्री ने कहा, वर्षों से उठ रहे सवाल का जवाब मिल जाएगा
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे होने के कारण उत्तराखंड के लिए एनआरसी अहम है। असम के बाद अब पूरे देश में एनआरसी लागू किए जाने के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की घोषणा का उन्होंने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि घुसपैठ के लिहाज से उत्तराखंड हमेशा से ही संवेदनशील रहा है। इसलिए काफी पहले से एनआरसी लागू करने की बात कह रहे हैं।
मुख्यमंत्री राज्य सचिवालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि केंद्र सरकार पूरे देश में एनआरसी लागू करने के फैसले को वे किस तरह से देखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में यह पहले ही से ही विचाराधीन था। केंद्र सरकार की पहल का उन्होंने समर्थन किया और इसे अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि घुसपैठ एक बड़ी समस्या है।
एनआरसी के लागू होने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। वर्षों से इस बारे में सुनते आ रहे हैं। एक स्थाई सवाल खड़ा हो गया है। अब उसका भी जवाब मिल जाएगा। जहां तक उत्तराखंड का सवाल है तो यह अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगा हुआ राज्य है। इस लिहाज से एनआरसी ज्यादा महत्व रखता है।
नड्डा पहले ही दे गए थे संकेत, भाजपा करेगी तैयारी
संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूरे देश में एनआरसी लागू करने के संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश प्रदेश सरकार और संगठन नेतृत्व को संकेत दे गए थे।
इतना ही नहीं पार्टी पदाधिकारियों सांसदों, विधायकों, मंत्रियों के साथ हुई बैठक में बाकायदा यह बताया गया था कि एनआरसी लागू होने पर भाजपा के कार्यकर्ता हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई, पारसी शरणार्थियों के नाम नागरिकता रजिस्टर में दर्ज कराने में सहयोग देंगे। इसके लिए प्रदेश संगठन को अभी से कार्ययोजना बनाने को भी कहा गया था।