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पहाड़ी क्षेत्रों में अब घरों में होगी पर्यटकों की आव-भगत
प्रमोद सेमवाल/ अमर उजाला, गोपेश्वर
Updated Fri, 06 Dec 2013 04:09 PM IST
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नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन पर्यटन क्षेत्रों से जुडे़ गांवों को होम स्टे के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है।
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टेंटों में रात नहीं गुजारनी पडे़गी रात
यदि आप विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी, सतोपंथ, हिम क्रीड़ा स्थली औली, कल्पनाथ सहित सुरम्य बुग्यालों से होकर गुजरने वाले ट्रेकिंग रूछों का मजा लेने के लिए चमोली जिले में पहुंचें तो अब आपको कहीं टेंटों में रात नहीं गुजारनी पडे़गी।
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इस योजना के तहत नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क गांवों में प्रत्येक परिवार को फर्नीचर, बर्तन और अन्य जरूरी सामान की खरीददारी के लिए करीब 60 हजार रुपए तक देगा।
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इससे दो फायदे होंगे, एक तो ग्रामीणों को पर्यटकों को ठहराने में अच्छी आमदनी होगी, दूसरा यह कि पर्यटकों के साथ ग्रामीण गाइड का कार्य भी कर सकते हैं।
उर्गम घाटी में है होम स्टे की व्यवस्था
उर्गम घाटी में कई परिवार वर्षों से पर्यटकों के लिए होम स्टे की व्यवस्था करते हैं। यहां पर्यटक क्षेत्र के सैर-सपाटे पर आकर ग्रामीणों के घरों में ही रात्रि विश्राम करते हैं।
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इसको देखते हुए अब नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क भी देश के अंतिम गांव माणा, लाता, रैणी, करछों, उर्गम, तुगासी, देवग्राम, तोलम और सुराईथोटा गांवों में भी होम स्टे योजना शुरू करने की योजना बना रहा है।
यह योजना तो फ्लाप ही रही
वर्ष 2011 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने नीती घाटी के द्रोणागिरी और मेहरगांव को पर्यटक ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। लेकिन यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई है।
सीमा क्षेत्र के गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। माणा, नीती, गमशाली, गरपक, कागा, द्रोणागिरी, महरगांव, लाता, मलारी, फरकिया, जुम्मा और बाम्पा गांवों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की यह योजना ग्रामीणों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उर्गम घाटी के ग्रामीण पर्यटकों को पहाड़ी व्यंजन परोसते हैं, अपने घरों में होम स्टे कराते हैं। इसके एवज में पर्यटक अपने हिसाब से ग्रामीणों को इसका मेहनताना देते हैं।
- लक्ष्मण सिंह नेगी, ग्रामीण, उर्गम घाटी
पार्क प्रशासन ने शासन के सम्मुख अपनी होम स्टे योजना का प्रपोजल रखा था जिसे स्वीकृति मिल गई है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के ट्रेकिंग रूट और पर्यटक स्थलों के समीप कई गांव मौजूद हैं। पर्यटकों को यहां होम स्टे कराने के लिए ग्रामीणों को सुविधाएं दी जाएगी।
- राजीव धीमान, डीएफओ, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, जोशीमठ (चमोली)