फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Now mosquitoes will be attacked with drones AIIMS Rishikesh prepared an action plan to control dengue malaria

Rishikesh: अब ड्रोन से होगा मच्छरों पर हमला, एम्स ने डेंगू-मलेरिया पर नियंत्रण के लिए तैयार की कार्ययोजना

Sat, 15 Feb 2025 11:28 AM IST
रेनू सकलानी राजीव खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
राजीव खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 15 Feb 2025 11:28 AM IST
सार

एम्स का टेली मेडिसन विभाग गंदगी वाले क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से दवा का छिड़काव करेगा। एम्स ने चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया पर नियंत्रण के लिए कार्ययोजना तैयार की है।

विज्ञापन
Now mosquitoes will be attacked with drones AIIMS Rishikesh prepared an action plan to control dengue malaria
ड्रोन - फोटो : istock

विस्तार

अब ड्रोन से मच्छरों पर हमला होगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की टेली मेडिसिन विभाग ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार की है। विभाग विजुअल लाइन ऑफ साइट तकनीक के तहत ड्रोन के माध्यम से गंदगी वाले क्षेत्रों में दवाइयों का छिड़काव करेगा।

विज्ञापन

एम्स में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर यूज ऑफ ड्रोन इन मेडिसिन की स्थापना की गई है। वर्ष 2023 से नियमित ड्राेन मेडिकल सेवा का संचालन किया जा रहा है। उक्त सेवा का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। अभी तक एम्स की ड्रोन सेवा बियॉन्ड विजुअल लाइन ऑफ साइट (बीवीएलओएस) पर कार्य कर रही है। इसके तहत दूरस्थ क्षेत्रों में दवाइयां भेजने के साथ ही इन क्षेत्रों के पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पतालों से ब्लड सैंपल एम्स लाए जा रहे हैं।

विज्ञापन

अब एम्स ने प्रशासन विजुअल लाइन ऑफ साइट (वीएलओएस) के तहत कार्य करने की योजना तैयार की है। इसके तहत ड्रोन से मच्छर जनित रोगों के नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी। जहां गंदगी के चलते अत्यधिक मच्छर हैं और उनसे चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया आदि जैसे रोगों के फैलने की आशंका रहती है। ड्रोन से ऐसे क्षेत्रों में दवाइयों का छिड़काव किया जाएगा। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

फरवरी 2024 में हुई शुरू

सेवा के नोडल अधिकारी डाॅ. जितेंद्र गैरोला ने बताया कि एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा फरवरी 2024 में शुरू हुई थी। अब तक इस सेवा की 162 से अधिक उड़ानें हो चुकी हैं। जिसके माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों से ब्लड सैंपल एम्स लाए जाने के साथ ही टीबी व अन्य बीमारी की दवाइयां दूरस्थ क्षेत्रों को भेजे गए हैं।

रूटीन ओपीडी से भी जोड़ी जाएंगी ड्रोन मेडिकल सेवा

दूरस्थ क्षेत्रों में अस्पतालों की रूटीन ओपीडी से भी एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा को जोड़े जाने की योजना है। सेवा के नोडल अधिकारी डाॅ. जितेंद्र गैरोला ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्र के अस्पतालों के मरीजों को टेलीमेडिसन के माध्यम से एम्स के चिकित्सक डायग्नोस करेंगे। यदि मरीजों को किसी दवाई या जांच की जरूरत होगी तो ड्रोन के माध्यम से दवाइयां मरीज तक पहुंचाई जाएंगी और मरीज का ब्लड सैंपल ड्रोन के माध्यम से एम्स आएगा। शुल्क का भुगतान मरीज क्यूआर कोड के माध्यम से करेगा।

हब एंड स्पोक मॉडल की तर्ज पर होगा विकसित
एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा को हब एंड स्पोक मॉडल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। एम्स हब के रूप में कार्य करेगा। जबकि अन्य स्वास्थ्य केंद्र स्पोक के रूप में एम्स से जुड़ेंगे। भविष्य में टिहरी के फकोट, पिल्खी और यमकेश्वर को भी इस सेवा से जोड़ा जाएगा। अभी तक इस सेवा का सबसे अधिक फायदा सीएचसी चंबा ने उठाया है। शुक्रवार को भी सीएचसी चंबा से ब्लड सैंपल एम्स लाए गए।

एम्स का ड्रोन मॉडल प्रमुख जर्नल में प्रकाशित

एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा का मॉडल पूरे देश में बेहतर साबित हो रहा है। खास तौर पर दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में यह सफल साबित हो रहा है। डाॅ. जितेंद्र गैरोला ने बताया कि ड्रोन मेडिकल सेवा का रिसर्च पेपर जर्नल ऑफ फेमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर इंडिया, जर्नल ऑफ कम्युनिटी हेल्थ व एम्स के जर्नल ऑफ मेडिकल एविडेंस में प्रकाशित हुआ है।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand:  प्रदेश में चल रही इन दो भर्तियों को लेकर जानें ये जरूरी अपडेट, अब टाइपिंग टेस्ट से गुजरना होगा

- एम्स नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा से हर आदमी को जोड़े जाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को इस सेवा का अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए बेहतर प्रयास किए जा रहेे हैं। - प्रो. मीनू सिंह, निदेशक, एम्स ऋषिकेश

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed