अटक जाती हैं सांसे, जब इनके पास से गुजरते हैं विमान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौलीग्रांट एयरपोर्ट के आस-पास लगे करीब एक दर्जन मोबाइल टावर विमानों के लिए खतरा बन सकते हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इन मोबाइल टावरों से खतरे की आशंका जताई है।
जिसके बाद हरकत में आए दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण ने करीब एक दर्जन मोबाइल टावरों को हटाने का निर्णय लिया है। इन मोबाइल टावर लगाने वालों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। एक मोबाइल टावर को साडा सीज भी कर चुका है।
जौलीग्रांट में एयरपोर्ट के आसपास बड़ी संख्या में मोबाइल टावर लगे हैं। इसमें से कई मोबाइल टावर ऐसे हैं, जो उड़ानों के लिए खतरा बने हैं। अधिक ऊंचाई वाले इन मोबाइल टावरों के ऊपर सामान्य रूप से जलने वाली लाल लाइट नहीं है।
इसमें हवा में उड़ान भरते विमानों के पायलट दूर से टावरों को नहीं देख पाते हैं। इसके चलते विमानों के इन टावरों से टकराने का खतरा बना रहता है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कुछ समय पूर्व इन मोबाइल टावरों पर आपत्ति जताते हुए हटाने का अनुरोध किया था। वैसे भी एयरपोर्ट विस्तारीकरण की दशा में इन सभी मोबाइल टावरों को यहां से हटाया जाना है।
दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण (साडा) ने इस पर कार्रवाई करते हुए मोबाइल टावर लगाने वाले करीब एक दर्जन लोगों को नोटिस भेजा है। प्राधिकरण ने एक मोबाइल टावर सीज कर दिया है।
प्राधिकरण के सचिव गिरीश गुणवंत ने बताया कि टावरों से विमानों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसके चलते उन्हें हटाए जाने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीज किए गया मोबाइल टावर बिना मंजूरी के लगाया गया था।
कनेक्टिविटी की समस्या बढ़ेगी
एक साथ करीब एक दर्जन मोबाइल टावर हटाए जाने से एयरपोर्ट क्षेत्र में कनेक्टिविटी की समस्या पैदा हो सकती है।
हालांकि प्राधिकरण सचिव गिरीश गुणवंत ने बताया कि एयरपोर्ट के बाहरी क्षेत्रों में भी मोबाइल टावर हैं, जिन पर अथॉरिटी को कोई आपत्ति नहीं है। उन टावरों से कनेक्टिविटी की समस्या का समाधान हो जाएगा।
विस्तारीकरण में हटेंगे अन्य टावर
इन करीब एक दर्जन टावरों के अलावा कई अन्य टावर भी हटाए जाने हैं। हालांकि एयरपोर्ट विस्तारीकरण की प्रक्रिया शुरू ना होने तक फिलहाल यह सुरक्षित हैं। विस्तारीकरण वाले क्षेत्र के साथ ही विमानों की सुरक्षित एरिया की रेंज में आने वाले टावर भी हटाए जाएंगे।