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राज्य के बजट में ‘खेल’ के लिए कुछ नहीं
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 08 Feb 2014 02:06 PM IST
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मुख्यमंत्री बदला, बजट बदला, लेकिन खेल और खिलाड़ी हाथ मलते रह गए। बृहस्पतिवार को सदन में पेश प्रदेश सरकार के बजट में चाहे बहुत कुछ हो लेकिन खेल और युवा कल्याण विभाग को कुछ नया नहीं मिला।
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सरकार ने न खिलाड़ी तैयार करने की योजना बनाई, न हॉस्टल के लिए व्यवस्था दी। खेल सामग्री पर टैक्स छूट की उम्मीद भी पूरी नहीं हो सकी।
कैसे बढ़े खेल
जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव नवनीत सेठी कहते हैं कि सिर्फ प्रतियोगिता कराने से खेल आगे नहीं बढ़ता। स्कूल स्तर पर शिक्षा के साथ खेल जरूरी होना चाहिए। विशेष योजना और बजट मिलना चाहिए था। स्पोर्ट्स हॉस्टल और कालेज खोलने होंगे। ब्लॉक और गांव स्तर पर युवा कल्याण विभाग में भी खेलों के लिए सरकार के पास योजना नहीं है।
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इनका है कहना
डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ देहरादून के सचिव कुमार थापा कहते हैं कि बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए बजट में कुछ नहीं है। नए मैदान बनाने की जरूरत है, लेकिन बजट में इसके लिए कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी कहां तैयार होगा।