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दून में नहीं दर्ज एक भी एनआरआई वोटर
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 10 Oct 2016 11:12 AM IST
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देहरादून जिले में एक भी एनआरआई वोटर नहीं है। चौंक गए न। जी हां, दरअसल निर्वाचन कार्यालय के पास अलग से ऐसा कोई डाटा नहीं है, जिसमें एनआरआई वोटरों की संख्या दर्ज हो। ऐसा नहीं है कि एनआरआई वोट डालना नहीं चाहते, बल्कि उन्हें इस संबंध में कोई सही जानकारी ही नहीं मिल पाती है। जबकि उनकी अनुपस्थिति में प्रोक्सी वोटर उनके वोट का इस्तेमाल कर सकता है।
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जिले के लाखों लोग अन्य देशों में नौकरी कर रहे हैं। एनआरआई भी वोट करना चाहते हैं, लेकिन जानकारी न होने पर ये वोट नहीं कर पाते हैं। जानकारी के अभाव में एनआरआई ने सामान्य मतदाताओं की तरह ही अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करा लिया है। यही वजह है कि प्रशासन के पास उनकी अलग से कोई जानकारी नहीं है। उत्तराखंड के विभिन्न प्रवासी संगठनों से लिए गए आंकड़ों के अनुसार राज्य के करीब 1,70,900 लोग दूसरे देशों में काम कर रहे हैं।
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नहीं बनवाना पड़ेगा पहचान पत्र
दरअसल एनआरआई को वोट देने के लिए पहचान पत्र बनाने की आवश्यकता नहीं है। बल्कि वह अपना पासपोर्ट और वीजा दिखाकर सीधे वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके बाद वह बूथ में जाकर मतदान कर सकते हैं। जब कोई एनआरआई अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाता है तो 18 वर्ष या इससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति एनआरआई की गैर मौजूदगी में उसका पासपोर्ट और वीजा की फोटो कॉपी दिखाकर मतदान कर सकता है।
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किया जा रहा है जागरूक
डीएम रविनाथ रमन ने बताया कि जिले में एनआरआई वोटर का नाम अलग से कहीं दर्ज नहीं है। हो सकता है कि इन्होंने सामान्य वोटरों में ही अपना नाम दर्ज कराया हो। इस बार एनआरआई मतदाताओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया है। प्रोक्सी वोटर को लेकर बीएलओ लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
वोट को लेकर हमारी काफी रुचि रहती है, लेकिन सही कम्यूनिकेशन नहीं हो पाता है। जबकि 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे मौकों पर जब यहां की एंबेसी के लोग हमारे यहां आते हैं तो वह जानकारी दे सकते हैं। यदि एसोसिएशन से ही बात कर ली जाए तो हम अपनी ओर से लगाए जाने वाले कौथिग और दूसरे माध्यमों से प्रचार कर सकते हैं कि प्रवासी लोग कैसे अपने वोट का अधिकार हासिल कर सकते हैं। हमें तो प्रोक्सी वोटर भी नई जानकारी लगती है।
- सुनील थपलियाल, अध्यक्ष, उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ सिंगापुर
कभी प्रशासन की ओर से एनआरआई को वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए कोई रुचि नहीं दिखाई जाती है।
- अनिल थपलियाल, बोर्ड सदस्य, उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ न्यूजीलैंड
कहां-कितने वोटर लगभग (उत्तराखंडी एसोसिएशन से ली गई जानकारी के अनुसार)
सिंगापुर- 400
न्यूजीलैंड- 8000
हांगकांग- 400
आस्ट्रेलिया- 12000
मलेशिया- 500
यूएई, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब (मिडिल ईस्ट)- 50 हजार
नॉर्थ अमेरिका, यूके, ईटली (यूरोपियन देश)- 50 हजार