उत्तराखंड के मंदिरों में वर्ग विशेष के प्रवेश पर कोई रोक नहीं: CM
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि राज्य के किसी भी मंदिर में वर्ग विशेष के लोगों के प्रवेश पर रोक नहीं है। कुछ मंदिरों में वर्ग विशेष के लोगों के प्रवेश पर कथित तौर पर रोक के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों में आपसी सद्भाव की परंपरा रही है। उत्तराखंड में हिंदुओं के सबसे बडे़ धार्मिक आस्था के केंद्रों श्री बदरीनाथ धाम और श्री केदारनाथ धाम में प्रवेश से पहले लोगों की जाति व धर्म के बारे में कोई पूछताछ नहीं की जाती है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर दुख जताया कि कुछ लोग उत्तराखंड में आपसी सद्भाव की महान परंपरा को मजबूती देने के बजाए गलत बातों का प्रचार करते हैं। जिसे कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता है।
ऑड-इवन पर बोले, अभी दून में जरूरत नहीं
दिल्ली की तर्ज पर देहरादून में भी ऑड-इवन नंबर गाड़ियों का फार्मूला अपनाए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में अभी ऐसी स्थिति नहीं आई है कि यह फार्मूला लागू किया जाय।
यहां छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर यातायात व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त किया जा सकता है। जिस प्रकार दिल्ली में धरना, प्रदर्शन के लिए जंतर मंतर को निश्चित किया गया है उसी प्रकार यहां भी एक क्षेत्र विशेष को इसके लिए चिन्हित किया जा सकता है।
इसी प्रकार नगर परिक्रमा पूरे नगर की न होकर एक सीमित क्षेत्र तक भी किया जा सकता है। लोग इस बात का प्रयास करें कि जिस समय स्कूलों की छुट्टी होती है उस समय जहां तक संभव हो गाड़ी लेकर न निकलें।
एनजीटी को लेकर पूछे गए सवाल के जबाब में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि देश के पर्यावरण संरक्षण में उत्तराखंड का सबसे अधिक योगदान रहा है। सरकार की ओर से ग्रीन कवर को लगातार बढ़ाया जा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद जलसंवर्धन किया जा रहा है।