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दून रेलवे स्टेशन पर पड़ा है 'चोरी' का माल

Mon, 21 Oct 2013 02:17 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 21 Oct 2013 02:17 PM IST
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no picking up luggage from the dehradun railway station

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रेलवे स्टेशन पर सेल्स टैक्स की चोरी कर लाखों का माल पार करने की ताक में रहने वाले आज भी सामान नहीं उठा पाए।

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इससे स्टेशन पर पार्सल काउंटर से लेकर दूसरे प्लेटफार्म पर सामान के ढेर पड़े रहे। इसे वजह से यात्रियों को परेशानी हो रही है लेकिन रेलवे प्रशासन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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खुलासा के बाद रेलवे स्टेशन के बाहर डेरा
अमर उजाला ने ट्रेनों से रोजाना आने वाले पार्सल को बिना सेल्स टैक्स दिए लाखों रुपयों के राजस्व चोरी के मामले का प्रमुखता से खुलासा किया था। खबर से हरकत में आए सेल्स टैक्स महकमे के प्रवर्तन दल ने रविवार को रेलवे स्टेशन के बाहर डेरा डाले रखा।
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इस वजह से सेल्स टैक्स की चोरी करने वाले दलालों ने स्टेशन से सामान नहीं उठाया। हालांकि वह मौके की ताक में स्टेशन पर ही इधर-उधर घूमते नजर आए। रविवार को भी तीन ट्रेनों से बिना सेल्स टैक्स का भुगतान किए लाखों रुपये का माल पार्सल से अलग-अलग जगहों से स्टेशन पर उतारा गया। लेकिन यह माल भी स्टेशन पर डंप है।

स्टेशन अधीक्षक एसडी डोभाल ने बताया कि दो दिन तक पार्सल नहीं उठाने वालों पर प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी लगनी शुरू हो जाती है। रविवार को सेल्स टैक्स चुकाकर पहुंचाए गए कुछ सामान को उठाया गया है। शेष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


एक-दूसरे पर आरोप

रेलवे स्टेशन पर बिना सेल्स टैक्स चुकाए पार्सल पार करने पर रेलवे और सेल्स टैक्स महकमा एक-दूसरे को जिम्मेवार ठहरा रहा है। दोनों विभागों के अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। रेलवे के अफसरों का कहना है कि सेल्स टैक्स महकमे की निष्क्रियता के चलते कर की चोरी हो रही है।

जबकि सेल्स टैक्स अफसरों का कहना है कि रेलवे महकमा टैक्स चोरी करने वालों को बढ़ावा दे रहा है। कौन सही है यह तो जांच का विषय है लेकिन मामले में दोनों ही विभागों की भूमिका सही नहीं लगती है। दलालों का इतना बड़ा नेटवर्क बिना दोनों विभागों के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के नहीं चल सकता।

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