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उत्तराखंड: रेलवे में 43600 से अधिक बेसिक सैलरी वालों को नहीं मिलेगा रात्रि ड्यूटी भत्ता
Sun, 18 Oct 2020 05:15 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2020 05:15 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
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रेलवे में 43600 से अधिक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारियों को रात्रि ड्यूटी भत्ता नहीं मिलेगा। रेलवे बोर्ड की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। रेलवे कर्मचारी संगठनों ने रेलवे बोर्ड के इस नए आदेश का विरोध कर दिया है।
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बता दें, कोरोना संकट का असर रेलवे की कमाई पर भी पड़ा है। 22 मार्च के बाद से ही ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप है। अनलॉक प्रक्रिया में भी गिने-चुने रूटों पर रेलगाड़ियों को संचालन शुरू किया गया है। ऐसे में रेलवे को प्रतिदिन करोड़ों रुपये की चपत लग रही है। ऐसे में अब रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड ने अपने खर्चे में कटौती करने को लेकर कई कदम उठाए हैं।
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रेलवे बोर्ड के अनुसार, अब उन्हीं रेल कर्मचारियों को रात्रि ड्यूटी भत्ता दिया जाएगा जिनका बेसिक वेतन 43600 से कम है। जहां तक दून रेलवे स्टेशन का सवाल है तो यहां भी 500 से अधिक कर्मचारियों को अब रात्रि ड्यूटी भत्ता नहीं मिलेगा।
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मुरादाबाद रेल मंडल के सीनियर डीपीओ विपुल गोयल ने बताया कि रेलवे बोर्ड की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। फिलहाल उन्होंने अभी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। आदेश का अध्ययन किया जा रहा है उसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।
रेल कर्मचारी संगठनों ने जताया विरोध
रात्रि ड्यूटी भत्ता समाप्त किए जाने के विरोध में कर्मचारी संगठन भी लामबंद हो गए हैं। नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष रमेश कुमार व सचिव उग्रसेन सिंह का कहना है कि रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड ने जो तुगलकी फरमान जारी किया है। उसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भत्ते की दरें पहले ही बहुत कम है और अब उसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। जो कर्मचारियों के साथ धोखा है। इस संबंध में केंद्रीय संगठन से वार्ता कर आगे की कोई रणनीति तय की जाएगी।