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मुकदमा दर्ज करने के साथ ही दर्जनों नोटिस के बावजूद स्मार्ट सिटी परियोजना एजेंसियों पर नहीं कोई असर
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जहां केंद्र और राज्य सरकार स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यों को तेजी का दबाव बनाए है, वहीं ज्यादातर निर्माणदायी एजेंसियां मनमानी से बाज नहीं आ रही हैं। ब्रिज एंड रूफ जैसी कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और दर्जनों नोटिसों के बावजूद कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी है। परियोजना के सीईओ/डीएम डॉ. आर राजेश कुमार ने दूसरे दिन भी परियोजना के अफसरों संग बैठक कर नाराजगी जताई।
डीएम/सीईओ ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी परियोजना की निरंतर समीक्षा की जा रही, लेकिन कुछ परियोजनाओं को छोड़ ज्यादातर परियोजनाओं की स्थिति ठीक नहीं है। कहा कि यदि चार साल के भीतर अफसरों के स्तर पर परियोजनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों की कड़ी मानीटरिंग की गई होती और एजेंसियों पर शिकंजा कसा गया होता, तो अब तक काफी निर्माण कार्यों को पूरा करा लिया जाता, लेकिन पिछले चार साल में परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ ही निर्माणदायी एजेंसियों द्वारा भारी शिथिलता बरती गई, जिससे परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर नहीं उतारा जा सका।
डीएम ने बैठक में मौजूद अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने के साथ ही साप्ताहिक समीक्षा करें और जिस भी स्तर पर लापरवाही मिलें, उस स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाय। स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ का कार्यभार संभालने के बाद ही डीएम डॉ. राजेश कुमार ने परियोजना के अफसरों पर शिकंजा कसने के साथ ही निर्माणदायी एजेंसियों पर भी शिकंजा कसा है। ऐसे में परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों में थोड़ी तेजी आई, लेकिन अभी भी प्रगति बहुत अच्छी नहीं है। जिस रफ्तार से स्मार्ट सिटी परियोजना के निर्माण कार्य जारी हैं, उसे देखते हुए नहीं लगता कि जुलाई 2023 स्मार्ट सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों को पूरा कराया जा सकेगा।
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डीएम/सीईओ ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी परियोजना की निरंतर समीक्षा की जा रही, लेकिन कुछ परियोजनाओं को छोड़ ज्यादातर परियोजनाओं की स्थिति ठीक नहीं है। कहा कि यदि चार साल के भीतर अफसरों के स्तर पर परियोजनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों की कड़ी मानीटरिंग की गई होती और एजेंसियों पर शिकंजा कसा गया होता, तो अब तक काफी निर्माण कार्यों को पूरा करा लिया जाता, लेकिन पिछले चार साल में परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ ही निर्माणदायी एजेंसियों द्वारा भारी शिथिलता बरती गई, जिससे परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर नहीं उतारा जा सका।
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डीएम ने बैठक में मौजूद अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने के साथ ही साप्ताहिक समीक्षा करें और जिस भी स्तर पर लापरवाही मिलें, उस स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाय। स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ का कार्यभार संभालने के बाद ही डीएम डॉ. राजेश कुमार ने परियोजना के अफसरों पर शिकंजा कसने के साथ ही निर्माणदायी एजेंसियों पर भी शिकंजा कसा है। ऐसे में परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों में थोड़ी तेजी आई, लेकिन अभी भी प्रगति बहुत अच्छी नहीं है। जिस रफ्तार से स्मार्ट सिटी परियोजना के निर्माण कार्य जारी हैं, उसे देखते हुए नहीं लगता कि जुलाई 2023 स्मार्ट सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों को पूरा कराया जा सकेगा।
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