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केदारनाथ में रावत मंत्रिमंडल ने लिया यह अहम फैसला

Mon, 20 Oct 2014 09:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, केदारनाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, केदारनाथ Updated Mon, 20 Oct 2014 09:12 PM IST
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no construction back side of kedarnath temple

उत्तराखंड में सोमवार को प्रदेश कैबिनेट ने संशोधित केदारनाथ प्लान को मंजूरी दे दी है। पिछले वर्ष आपदा में मारे गए लोगों की याद में स्मृति स्थल और सरस्वती नदी के तट पर घाट का निर्माण किया जाएगा। केदारनाथ मंदिर के पीछे निर्माण कार्य पर पाबंदी लगाने पर मंत्रिमंडल ने सहमति जताई है।

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सुबह 11.05 बजे से शुरू हुई कैबिनेट बैठक करीब एक घंटे चली। बैठक के बाद हेलीपैड पर संक्षिप्त बातचीत में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि केदारनाथ प्लान पहली बैठक में पारित किया गया था।
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इस प्लान को स्पॉट वेरीफिकेशन के बाद मंजूरी दे दी गई है। प्लान में थोड़ा बदलाव किए हैं। यह तय किया गया है कि तीर्थ पुरोहितों के साथ समन्वय कर प्लान क्रियान्वित करेंगे।
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धाम में सुरक्षात्मक कार्य कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी। साथ में स्थानीय आवश्यकताओं और परिस्थितियों का समन्वय कर निर्माण किया जाएगा। मुआवजा वितरण में सावधानी बरती जाएगी, ताकि कोई आपदा पीड़ित न छूटे।

एक्सपर्ट से सर्वेक्षण कराया जाएगा

no construction back side of kedarnath temple

फार्मेसी कॉलेज विद्यापीठ को आयुर्वेदिक महाविद्यालय बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक्सपर्ट से सर्वेक्षण कराया जाएगा। मद्महेश्वर और अल्मोड़ा के जागेश्वर मंदिर को इसी सीजन से शीतकालीन यात्रा से जोड़ा जाएगा। वर्ष भर चार धाम यात्रा संचालित करने के लिए मुख्य सचिव को अधिकारियों का दायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कैबिनेट में प्रतिभाग करने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत हेलीकाप्टर से सुबह 10.20 बजे केदारनाथ में उतरे। दस मंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री और वित्त सचिव भी हेलीकाप्टर से केदारनाथ पहुंचे। वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना की।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने उन्हे स्मृति चिन्ह भेंट किया। केदारनाथ पुनर्निर्माण पर फोकस होने से क्षेत्रीय विधायक शैलारानी रावत और मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल को भी इसमें विशेष रुप से आमंत्रित किया गया था।

बैठक स्थल पर ही बुलाया तीर्थ पुरोहितों को

no construction back side of kedarnath temple

कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री का प्रेस ब्रीफिंग और तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात का कार्यक्रम था, लेकिन मौसम की खराबी के कारण ब्रीफिंग स्थगित कर दी गई। जबकि तीर्थ पुरोहितों को बैठक स्थल पर ही बुला लिया गया।

सीएम के जाते ही धाम में बर्फबारी
सुबह तक धाम में मौसम सामान्य था और धूप खिली हुई थी। लेकिन लगभग एक बजे मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर के उड़ान भरने के करीब 10 मिनट बाद धाम में बर्फबारी शुरू हो गई। इसके बाद तो रुक-रुककर बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा।

वापसी में मंत्री आए गुप्तकाशी
मौसम की खराबी को देखते हुए मंत्री और अधिकारी केदारनाथ से पहले ही गुप्तकाशी हेलीपैड पर पहुंच गए थे। आला अधिकारियों के लौटने पर सभी मंत्री और अधिकारी हेलीकाप्टर से देहरादून लौट गए।

डीएम के हेलीकाप्टर को करनी पड़ी इमरजेंसी लेंडिंग
अपराह्न लगभग पौने तीन बजे रामबाड़ा में धुंध छा गई। इस वजह से डीएम डा. राघव लंगर के हेलीकाप्टर को लिनचोली में इमरजेंसी लेडिंग करनी पड़ी। लगभग पांच मिनट में धुंध हटने के बाद हेलीकाप्टर ने फिर उड़ान भरी।

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