फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Nit srinagar garhwal will shift in rishikesh after 900 students left campus

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान छोड़ने वाले 900 छात्रों के लिए खुशखबरी, अब ऋषिकेश में चलेंगी कक्षाएं

Tue, 13 Nov 2018 08:44 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Tue, 13 Nov 2018 08:44 AM IST
विज्ञापन
Nit srinagar garhwal will shift in rishikesh after 900 students left campus
प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

छात्रों के आंदोलन के दबाव में एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) ने अस्थायी कैंपस के लिए मैदानी क्षेत्र में वैकल्पिक स्थान तलाश लिया है। बीते दिवस तक शिफ्टिंग की बात नकारने वाले संस्थान ने चुपचाप ऋषिकेश में किसी शिक्षण संस्थान को चिह्नित किया है। संस्थान की कार्रवाई से कैंपस शिफ्टिंग की चर्चाओं को मुहर लग गई है। संस्थान का मानना है कि यदि छात्र नहीं माने, तो वहीं कक्षाएं चलाई जा सकती हैं।  

विज्ञापन


भक्तियाना में अस्थायी तौर पर चल रहे एनआईटी उत्तराखंड में पीएचडी, एमटेक व बीटेक के लगभग 980 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्थायी कैंपस का निर्माण होने तक सुविधाजनक स्थान में अस्थायी कैंपस शिफ्टिंग और सुविधाओं की मांग के लिए संस्थान के छात्र चार अक्तूबर से अनिश्चितकालीन कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं।
विज्ञापन


23 अक्तूबर की सुबह छात्र-छात्राएं अचानक हॉस्टल छोड़कर अपने घर चले गए। तब से छात्र सुविधाजनक स्थान में कैंपस शिफ्टिंग की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि मांग पूरी होने पर ही वह कक्षाओं मेें लौटेंगे।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 

एनआईटी प्रशासन पर उठे सवाल  

इस गतिरोध के चलते संस्थान ने छात्रों की मांग पर विचार करते हुए अन्यत्र अस्थायी कैंपस के लिए जगह की तलाश की है। पिछले दिनों संस्थान की ओर से गठित कमेटी ने ऋषिकेश में एक शिक्षण संस्थान को इसके लिए चिह्नित किया है।

संस्थान ने इसकी पुष्टि कर दी है। एनआईटी के सहायक कुलसचिव/जनसंपर्क अधिकारी जयदीप सिंह ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ऋषिकेश में जगह तलाश ली गई है। उन्होंने बताया कि एक उक्त परिसंपत्ति एक शिक्षण संस्थान की है, लेकिन उन्होंने संस्थान का नाम बताने से इनकार कर दिया। 

एनआईटी शिफ्टिंग आंदोलन में एनआईटी प्रशासन पर भी उंगली उठ रही है। कहा जा रहा है कि एनआईटी जैसे शिक्षण संस्थान में छात्रों का विरोध में उतरना और कक्षाओं में न जाने के पीछे कुछ अधिकारियों का हाथ है। यदि ऐसा नहीं होता, तो आज तक संस्थान छात्रों के विरुद्ध कुछ न कुछ कार्रवाई करता। इतने छात्रों के एक साथ संस्थान छोड़ देने के बाद भी एनआईटी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। 


 

-एनआईटी प्रशासन शुरू से शिफ्टिंग की बात छिपाता रहा है, जबकि अंदरखाने कुछ और पक रहा था। किसी भी कीमत पर अस्थायी कैंपस को शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा।
 -सुरजीत बिष्ट, मीडिया प्रभारी, प्रगतिशील जनमंच, श्रीनगर 

-शिफ्टिंग के नाम पर जानबूझकर विवाद करने की साजिश की जा रही है, ताकि लोगों को आपस में लड़ाया जा सके। शिफ्टिंग के लिए छात्रों को ढाल बनाया गया है।
-डा. नवीन नौटियाल, आप नेता, श्रीनगर 

-शिफ्टिंग के विरोध में कांग्रेस सड़क पर उतरेगी। यह पार्टी विशेष का मुद्दा नहीं है। शहर की अस्मिता के लिए जो होगा, किया जाएगा। एनआईटी जैसे संस्थान को बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा।
-भूपेंद्र पुंडीर, अध्यक्ष नगर कांग्रेस कमेटी, श्रीनगर 

प्रदेश के मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री लगातार आश्वस्त कर रहे हैं कि एनआईटी पहाड़ में ही रहेगी। स्थायी कैंपस का निर्माण पहाड़ में होगा। अस्थायी रुप से भी कक्षाएं यहीं चलनी चाहिए।
-अनूप बहुगुणा, नगर महामंत्री भाजपा, श्रीनगर 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed