भारत-चीन सीमा पर रक्षामंत्री ने जवानों को अपने हाथों से परोसा नाश्ता, पूछी उनके दिल की बात
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केंद्रीय रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-चीन सीमा पर स्थित नावीढांग और गुंजी पहुंचकर सेना के जवानों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खुद जवानों को नाश्ते की प्लेट परोसकर उनकी समस्याओं के बारे में पूछा।
केंद्रीय रक्षा मंत्री सोमवार को सेना के हेलीकॉप्टर से सीमांत क्षेत्र के नावीढांग और गुंजी पहुंचकर सेना की चौकियों का निरीक्षण कर सैनिकों से वार्ता की। उन्होंने सीमा पर तैनात कुमाऊं स्काउट, आर्टिलरी और पंजाब रेजीमेंट, पायनियर, वन आर्चर, 30 मोबाइल कंपनी के जवानों के बीच गई।
जहां उन्होंने अपने हाथ से जवानों को नाश्ते की प्लेट परोसी। केंद्रीय रक्षा मंत्री को अपने बीच पाकर सीमा पर तैनात जवान गदगद नजर आए।
उन्होंने कुमाऊं स्काउट के अधिकारियों से सीमा में तैनाती के दौरान के संस्मरण सुनाने को कहा। जिस पर वीर सैनिकों द्वारा क्षेत्र में तैनाती के दौरान किए गए कार्यों को साझा किया गया।
जिसमें कुमाऊं स्काउट के सूबेदार देवकी नंदन ने वर्ष 2013 में क्षेत्र में आई आपदा और सूबेदार मेजर भूपाल सिंह ने वर्ष 1998 में हुई मालपा की घटना के दौरान सेना की ओर से चलाए गए राहत एवं बचाव कार्य के बारे में अवगत कराया गया।
उन्होंने बिना किसी डर या झिझक के समस्याएं बताने को कहा। जवानों ने कहा कि उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं है। इस दौरान उत्साहित जवानों ने भारत माता की जय के नारे लगाए।