फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   nikay chunav 2018 uttarakhand cm trivendra singh rawat statement

निकाय में हुईं गलतियां लोकसभा के लिए सबक: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र

Fri, 23 Nov 2018 10:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 23 Nov 2018 10:34 AM IST
विज्ञापन
nikay chunav 2018 uttarakhand cm trivendra singh rawat statement
trivendra singh rawat

नगर निकाय चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत संतुष्ट हैं। हालांकि सात में से दो निकायों में मिली हार के पीछे वह कुछ कमियां भी महसूस कर रहे हैं। अब उनका जोर निकाय में र्हुइं गलतियों से सबक लेने पर है। ताकि लोकसभा चुनाव में पार्टी शानदार प्रदर्शन कर सके। आगामी चुनावों में भाजपा केंद्र और राज्य की जीरो टालरेंस वाली सरकारों की स्वच्छ और विकासोन्मुख छवि के भरोसे है। विवादित मीटू प्रकरण पर मुख्यमंत्री का मानना है कि इससे संगठन की गरिमा को ठेस पहुंची। अमर उजाला के विशेष संवाददाता अरुणेश पठानिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने आगामी चुनावों के साथ ही सरकार की छवि और भविष्य की योजनाओं पर बेबाकी से राय रखी।

विज्ञापन


सवाल: निकाय चुनाव के नतीजे कितने संतोषजनक हैं? 
मुख्यमंत्री: चुनाव में संगठन और सरकार के प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। मंत्री, विधायकों से लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेहतर काम किया। कहीं कुछ न कुछ कमी तो रहती ही है, लेकिन 18 माह में सरकार के प्रदर्शन और छवि का असर दिखा है। भाजपा का मत प्रतिशत बढ़ा है। सबसे बड़े निगम देहरादून में विधानसभा चुनाव के मुकाबले हमारा मत प्रतिशत 44 से बढ़कर 47 पहुंच गया है। अधिकांश निगमों और निकायों में मत प्रतिशत बढ़ा है। 
विज्ञापन


सवाल: दो बड़े निगमों में हार को कैसे आंकते हैं?  
मुख्यमंत्री: दो निगमों में मिली हार की अनदेखी नहीं हो सकती। कई वजह हैं जिसके कारण हमारा कुछ जगहों पर कमजोर प्रदर्शन रहा। कुछ कारण सामने आ चुके हैं। शेष भी जल्द तलाश लिए जाएंगे। पार्टी जल्द से जल्द यह सुनिश्चित करेगी कि लोकसभा में ऐसी गलतियां नहीं हो। निकायों की रणनीति से सबक लेकर आगामी चुनाव में उसका ध्यान रखा जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सवाल: निकाय चुनाव से सामने आया कि कांग्रेस से ज्यादा अपनों से खतरा है? इसका क्या इलाज है? 
मुख्यमंत्री: किसी भी चुनाव में प्रत्याशी चयन पर सबको संतुष्ट नहीं किया जा सकता। असंतुष्टों को मनाया जाता है, लेकिन उनकी वजह से हार हो यह बेहद गंभीर मामला है। भितरघात से पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को चिन्हित कर उनका विकल्प तलाशना होगा। अगर पार्टी के पास अधिक विकल्प हों तो भितरघात की स्थिति से निपटा जा सकता है। किसी एक क्षेत्र में किसी एक का राजनीतिक एकाधिकार नहीं होना चाहिए। 

सवाल:विपक्ष की बढ़ती सक्रियता से चिंता नहीं होती? 
मुख्यमंत्री: संगठन और सरकार की अगली बड़ी चुनौती लोकसभा चुनाव है, जिसमें निकाय चुनाव से इतर मुद्दे रहेंगे। उसके लिए अलग रणनीति के साथ तंत्र चुनाव लड़ेगा। हालांकि कांग्रेस ने निकायों में राफेल डील को मुद्दा बनाया, लेकिन नतीजों से साफ हुआ कि यह मुद्दा नहीं है। हम अधिकांश बूथों पर अपना तंत्र विकसित कर चुके हैं। चुनावी कार्यक्रम गतिमान हैं, जो अब और तेज होंगे। भाजपा चुनाव में केंद्र और राज्य सरकार की साफ सुधरी और विकासोन्मुख छवि को लेकर उतरेगी। आल वेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना सहित कई विकास योजनाएं गतिमान हैं, जो तय समय से पूरी होंगी। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। 

सवाल: भाजपा में मीटू प्रकरण से पार्टी की साख कितनी क्षति हुई? 
मुख्यमंत्री: इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। पार्टी ऐेसी घटना के सामने आते ही कड़ा संज्ञान लेती है। प्रदेश महामंत्री (संगठन) को इसी के चलते दायित्व मुक्त कर दिया गया। इससे संगठन की गरिमा को नुकसान पहुंचा है। इससे सबक लेना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं न हों। हालांकि मैं मानता हूं कि यह मसला नैतिक मूल्यों का होता है। किसी तरह की गाइडलाइन से अधिक मूल्यों और संस्कारों पर जोर देना चाहिए। 


सवाल:जीरो टालरेंस के बावजूद छात्रवृत्ति घोटाले जैसी कई मामले और जांचें अधर में क्यों लटकी हैं? 
मुख्यमंत्री: भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टालरेंस की नीति है। छात्रवृत्ति घोटाले में सरकार ने एसआईटी गठित की है। अगर जांच एजेंसी को कहीं असहयोग हो रहा है तो संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए जाएंगे।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed