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निकाय चुनाव 2018: राजनीति की दूसरी ‘पाठशाला’ में बढ़ाए छात्र नेताओं ने कदम
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 25 Oct 2018 01:49 PM IST
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राजनीति की दूसरी ‘पाठशाला’ में भी छात्र नेताओं ने कदम बढ़ा दिए हैं। नगर निगम के चुनाव में इस बार एबीवीपी, एनएसयूआई के कई छात्र नेताओं ने ताल ठोंकी है। इनमें से कई प्रत्याशियों को तो भाजपा और कांग्रेस ने टिकट दिया है लेकिन कई निर्दलीय मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
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वार्ड : 9 आर्यनगर से भाजपा ने योगेश घाघट को प्रत्याशी बनाया है। योगेश गत् वर्ष डीबीएस पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष थे।
वार्ड: 11 विजय कालोनी से भावना ने निर्दलीय नामांकन किया है। भावना डीएवी कॉलेज की पूर्व छात्र नेता हैं। वह डीएवी में अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारती हैं।
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वार्ड: 21 एमकेपी से एनएसयूआई के वरिष्ठ नेता प्रशांत भट्ट चुनाव मैदान में हैं। उन पर भी कांग्रेस ने टिकट देकर भरोसा जताया है।
वार्ड: 25 पथरीबाग से संजय उपाध्याय ने नामांकन किया है। वह एनएसयूआई के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। वर्ष 2011 के डीएवी छात्रसंघ चुनाव में उन्होंने अध्यक्ष पद पर दावा भी किया था।
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वार्ड: 51 वाणी विहार से एबीवीपी के छात्र नेता सूरज रावल चुनाव मैदान में उतरे हैं। उन्हें भाजपा ने टिकट दिया है। खास बात यह है कि वह सबसे कम उम्र के पार्षद प्रत्याशी हैं।
वार्ड : 70 लक्खीबाग से आयुष गुप्ता ने नामांकन किया है। वह डीएवी कॉलेज में एनएसयूआई की ओर से अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें इस बार कांग्रेस ने टिकट दिया है।
वार्ड : 85 मोथरोवाला से महेश जगूड़ी ने निर्दलीय नामांकन किया है। महेश इससे पहले डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं।
वार्ड: 98 बालावाला से प्रशांत खरोला ने निर्दलीय नामांकन किया है। यह करीब 14 साल तक एबीवीपी नेता रहे। छात्र राजनीति के बाद पहली बार उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में कदम बढ़ाए हैं।