{"_id":"5bd2c7c3bdec22695036040e","slug":"nikay-chunav-2018-high-court-decision-on-mayor-reservation","type":"story","status":"publish","title_hn":"निकाय चुनाव 2018: हाईकोर्ट में मेयर पद पर आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निकाय चुनाव 2018: हाईकोर्ट में मेयर पद पर आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Updated Fri, 26 Oct 2018 01:23 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand high court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेयर पद के लिए हुए आरक्षण को हाईकोर्ट में चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अधिवक्ता डीके त्यागी ने सात में से पांच निगमों में मेयर पदों को आरक्षण में लाए जाने को आधार बनाते हुए यह याचिका दाखिल की थी।
विज्ञापन
शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की खंडपीठ ने अधिवक्ता डीके त्यागी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इस प्रकरण पर चुनौती दी जानी चाहिए थी। अभी चुनाव प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
याची का कहना था कि सरकार ने प्रदेश के सात नगर निगमों में मेयर पद के लिए गलत तरीके से आरक्षण तय किया है। अभी सरकार सात नगर निगमों में चुनाव करा रही है। मेयर के सात में से पांच पद आरक्षित कर दिए गए हैं और दो पद अनारक्षित हैं जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आरक्षण पचास प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। सरकार ने यह आरक्षण 70 प्रतिशत कर दिया है। याचिका में आरक्षण की प्रक्रिया को दोबारा तय करने की मांग की गई है।