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एनएच 74 घोटाले में एसआईटी ने पांच आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

Mon, 24 Sep 2018 02:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर Updated Mon, 24 Sep 2018 02:37 PM IST
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nh 74 scam sit file charge sheet against five accused

एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने एक निलंबित पीसीएस अधिकारी और नायब तहसीलदार सहित पांच लोगों के खिलाफ चार हजार पन्नों का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया है। आरोप पत्र में गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले तीन काश्तकार भी शामिल हैं। इनमें एक काश्तकार गिरफ्त से बाहर और दो को एसआईटी कर जेल भेज चुकी है।

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भूमि मुआवजा घोटाले में अब तक छह पीसीएस अधिकारियों सहित 24 लोगों को जेल भेज चुकी एसआईटी ने सोमवार को नैनीताल स्थित विशेष भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में निलंबित पीसीएस अधिकारी तीरथपाल सहित पांच लोगों के खिलाफ तीसरा आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
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करीब चार हजार पन्नों के इस आरोप पत्र में बेड़ीनाग (पिथौरागढ़) से गिरफ्तार किए गए प्रभारी तहसीलदार रघुवीर सिंह और काशीपुर, बाजपुर तहसील के काश्तकार हरजिंदर सिंह, दिलबाग सिंह और हीरालाल भी शामिल हैं। दो माह पूर्व तीरथपाल और रघुवीर सिंह को गिरफ्तार कर एसआईटी ने जेल भेजा था। साथ ही दिलबाग सिंह और हीरालाल को एक सप्ताह पूर्व गिरफ्तार किया गया था। 
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 आरोपी काश्तकार हरजिंदर सिंह ने हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे लिया हुआ है, लेकिन उसके खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इधर, 18 किसानों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद एसआईटी उनकी धरपकड़ के लिए भी लगातार दबिश दे रही है। 

किस पर क्या आरोप 

तीरथपाल सिंह - गदरपुर तहसील में एसडीएम रहने के दौरान तीन मामलों में जमीनों की 143 कराई, एफएसल जांच में भी इसकी पुष्टि हुई है।  

रघुवीर सिंह - गदरपुर तहसील में राजस्व निरीक्षक रहने के दौरान बैक डेट में किये गये 143 के मामलों में रिपोर्ट दी गई जिसके आधार पर तत्कालीन एसडीएम एनएस नगन्याल ने जमीनों की 143 की।   

दिलबाग सिंह - बैक डेट में भूमि का 143 कराकर 12 लाख 17 हजार 700 रुपये मुआवजा लिया।  

हीरालाल - कृषि भूमि पर अकृषि दर से 41 लाख 28 हजार 300 रुपये का मुआवजा लिया। 

हरजिंदर सिंह - अपनी पत्नी, सास और ससुर के नाम दर्ज भूमि का बैक डेट में 143 कराकर नौ करोड़ 55 लाख, 28 हजार 72 रुपये मुआवजा लिया।

पांच निजी बैंक संचालकों से एसआईटी ने की पूछताछ 

एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी जांच के दौरान चर्चा में रहे कांग्रेस खाते की जांच बैंकों तक पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार खाते में जमा रकम की जांच के लिए एसआईटी ने खातेदारों का ब्योरा जुटाने के बाद पांच निजी बैंक अधिकारियों के बयान लिए हैं। जल्द की एसआईटी कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों में भी जांच शुरू कर सकती है। 

विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नाम से खुले खाते को पार्टी के दो नेताओं को संयुक्त खातेदार बनाकर संचालित किया गया था। इधर, भूमि मुआवजा घोटाले में जब एसआईटी ने मनी ट्रेल की जांच की तो कुछ किसान और बिल्डरों की ओर से भी कांग्रेस के खाते में रकम डाले जाने की पुष्टि हुई थी। मामले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से भी पूछताछ की गई थी।

पूर्व सीएम हरीश रावत का बयान भी इस मामले में सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि खाते में चंदे के रूप में पांच करोड़ रुपये जमा हुए हैं। खाते की पूरी जांच के लिए एसआईटी ने खाते में रकम डालने वालों को चिह्नित करने के लिए बैंकों से पत्राचार किया था। सूत्रों के अनुसार कुछ खातेदारों का ब्योरा उपलब्ध होने के बाद एसआईटी ने पांच निजी बैंक अधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं।

आज कर सकते हैं विक्रमजीत और मनदीप सरेंडर 

एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में आरोपी बनाए गए काश्तकार मनदीप और विक्रमजीत सिंह का मंगलवार को नैनीताल स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। चार दिन पूर्व दोनों की सरेंडर अर्जी में नाम-पता गलत होने पर कोर्ट ने जांच अधिकारी से नाम-पता तस्दीक कर रिपोर्ट पेश करने को कहा था, जिसे सोमवार को जांच अधिकारी ने सही कर कोर्ट में पेश किया। 

भूमि मुआवजा घोटाले में बैक डेट में भूमि की 143 कराकर आईटीआई थाना क्षेत्र के काश्तकार विक्रमजीत सिंह ने नौ करोड़ और मनदीप सिंह ने चार करोड़ का मुआवजा लिया था। साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने कुछ दिन पूर्व 18 किसानों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट लिया था। इसमें विक्रमजीत और मनदीप सिंह भी शामिल थे। दोनों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बीते बुधवार को एसआईटी ने दोनों के साथ ही एक अन्य किसान के खिलाफ कोर्ट से धारा 82 के तहत कुर्की का वारंट लिया था।

कुर्की की भनक लगते ही बीते बृहस्पतिवार को दोनों किसानों ने नैनीताल स्थित विशेष भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र दिया। दोनों के प्रार्थना पत्र में एक के पिता का नाम और दूसरे का पता तस्दीक न होने पर कोर्ट ने जांच अधिकारी को 24 सितंबर तक दोनों के नाम-पते तस्दीक कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। सोमवार को जांच अधिकारी सीओ स्वतंत्र कुमार ने नाम-पते तस्दीक कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश की। माना जा रहा है कि मंगलवार को दोनों किसान कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं।

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