'जहर' उगल रही पांच फैक्ट्रियों पर गाज, बंद करने के आदेश
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन न करने और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर पर्यावरण में जहर उगल रही फैक्ट्रियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रदूषण बोर्ड मुख्यालय ने ऐसे पांच फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं, जिनके पास बोर्ड की अनुमति नहीं थी और केमिकल युक्त पानी को खुले में छोड़ा जा रहा था। इन फैक्ट्रियों के बिजली का कनेक्शन काटने के लिए जल्द ही ऊर्जा निगम के अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। इसके अलावा दस अन्य फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किया गया है।
एनजीटी ने जुलाई माह में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय को सीवरली पोल्यूशन इंडस्ट्रीज (एसआईपी) के तहत आने वाली सभी फैक्ट्रियों के निरीक्षण करने के आदेश जारी किए थे। आदेशों के अनुपालन में प्रदूषण बोर्ड एसआईपी सूची के अलावा कई अन्य फैक्ट्रियों की प्रदूषण संबंधी जांच की थी।
बंदी आदेश के तहत जल्द कटेगा बिजली कनेक्शन
अब बोर्ड मुख्यालय देहरादून के सदस्य सचिव की ओर से करीब एक सप्ताह पहले रुड़की के अधिकारियों को इनमें से पांच फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। बताया गया है कि यह फैक्ट्रियां बोर्ड की अनुमति के बिना खुले में ही केमिकलयुक्त पानी का निष्कासन कर रही थीं।
इन फैक्ट्रियों के बिजली के कनेक्शन काटे जाने के लिए अब ऊर्जा निगम को पत्र भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा दस अन्य फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में इन फैक्ट्रियों को एक माह का समय दिया गया है।
यदि इस अवधि में संबंधित फैक्ट्रियां प्रदूषण रोकने संबंधी उपाय कर लेती है तो विभाग इनका दोबारा निरीक्षण कर फैक्ट्री संचालन की अनुमति दे सकता है। मानक पूरे नहीं होने पर इन पर बंदी की कार्रवाई की जाएगी।